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हाथरस कांड में मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य जुटा रहा प्रवर्तन निदेशालय
Wed, 07 Oct 2020 08:41 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 07 Oct 2020 08:41 PM IST
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कोतवाली चंदपा, हाथरस
- फोटो : अमर उजाला
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हाथरस कांड में वेबसाइट के जरिए जुटाई गई रकम और उससे लाभान्वित होने वालों केे बारे में जानकारी जुटा रहा है। निदेशालय इस मामले में जल्द ही औपचारिक मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। यह माना जा रहा है कि हाथरस मामले में जातीय दंगा भड़काने की साजिश हुई और इसी संदर्भ में वेबसाइट बनाई गई। यह चर्चा जोरों पर रही कि पीएफआई को इस काम के लिए विदेशों से 100 करोड़ तक की रकम मिली है। मॉरीशस से 50 करोड़ से अधिक की रकम आने की बात कही जा रही है। हालांकि निदेशालय के अधिकारी अभी विदेश से आई किसी रकम की जानकारी होने की औपचारिक पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि हाथरस कांड को लेकर चर्चा में आई वेबसाइट के सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी मांगी गई है। बैंक खातों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पीएफआई के भी कई सदस्यों व उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गई है। सभी खातों में मनी ट्रेल की पड़ताल की जा रही है। देखा जा रहा है कि हाथरस प्रकरण को लेकर धन एकत्रित किया गया या नहीं। अगर धन जुटाया गया तो कितना और उसे कहां खर्च किया गया। इससे कौन-कौन लाभान्वित हुआ।
प्रवर्तन निदेशालय ने प्लेटफॉर्म कार्ड डाट कॉम पर बनाई गई वेबसाइट को लेकर छानबीन शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि इस वेबसाइट के जरिए पीड़िता के परिजनों के नाम पर काफी धन एकत्र करने की कोशिश हुई। ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि जो रकम आई, वह कहां और किसके पास गई। निदेशालय ने हाथरस में सोमवार को 153 ए के तहत दर्ज हुए मुकदमे का परीक्षण शुरू कर दिया है। वह पता कर रहा है कि वेबसाइट का डोमेन किसने खरीदा और इस काम में किस मेल आईडी व फोन नंबर का इस्तेमाल किया गया।
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निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि हाथरस कांड को लेकर चर्चा में आई वेबसाइट के सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी मांगी गई है। बैंक खातों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पीएफआई के भी कई सदस्यों व उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गई है। सभी खातों में मनी ट्रेल की पड़ताल की जा रही है। देखा जा रहा है कि हाथरस प्रकरण को लेकर धन एकत्रित किया गया या नहीं। अगर धन जुटाया गया तो कितना और उसे कहां खर्च किया गया। इससे कौन-कौन लाभान्वित हुआ।
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प्रवर्तन निदेशालय ने प्लेटफॉर्म कार्ड डाट कॉम पर बनाई गई वेबसाइट को लेकर छानबीन शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि इस वेबसाइट के जरिए पीड़िता के परिजनों के नाम पर काफी धन एकत्र करने की कोशिश हुई। ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि जो रकम आई, वह कहां और किसके पास गई। निदेशालय ने हाथरस में सोमवार को 153 ए के तहत दर्ज हुए मुकदमे का परीक्षण शुरू कर दिया है। वह पता कर रहा है कि वेबसाइट का डोमेन किसने खरीदा और इस काम में किस मेल आईडी व फोन नंबर का इस्तेमाल किया गया।
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