पढ़ें, बिजली चोरी से मुसलमानों का दिलचस्प कनेक्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘चोरी करना गुनाह है। वह चाहे बिजली की चोरी हो या पानी की चोरी। मुसलमानों को ईमानदारी से बिजली जलाना चाहिए।
बिजली और पानी की फिजूलखर्ची भी नहीं होनी चाहिए।’ यह नसीहत मारहरा शरीफ के सज्जादानशीन सैयद शाह मुस्तफा हैदर हसन मियां कादरी ने दी।
वे शुक्रवार को कानपुर के चमनगंज में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने मुसलमानों में तालीम का ग्राफ बढ़ाने के लिए मुस्लिम तंजीमों से सरकारी प्राइमरी स्कूलों को गोद लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि तंजीमे, स्कूलों को गोद लेकर उसमें किसी तरह की दखलअंदाजी किए बिना बच्चों का दाखिला कराएं और उनकी सहायता करें।
‘हमवतनों के साथ करें अच्छा सुलूक‘
मुस्तफा ने कहा कि शहर में भी एक अच्छा स्कूल खोलने के लिए काफी अरसे से जमीन तलाशी जा रही है लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिल सकी है।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम तंजीमें अपने-अपने इलाकों में शिक्षा के लिए काम करें। मुसलमानों में तालीम के लिए जागरूकता पैदा करें।
मौजूदा वक्त में देश में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है उस पर नाखुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि सारे सेकुलर लोग एकजुट हो जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा का भी भगवाकरण कर रही है।
इस दौरान में इत्तेहाद (एकता) की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुसलमान अपने अखलाक (व्यवहार) को अच्छा बनाएं। मां-बाप से अदब से पेश आएं और शराब, जुआ आदि से दूर रहें। हमवतनों के साथ अच्छा सुलूक करें।