बिजली कर्मी और प्रबंधन आमने सामने: कर्मचारी बोले, काम का माहौल बिगाड़ रहा प्रबंधन
ऊर्जा मंत्री को भेजे गए पत्र में कर्मचारियों ने कहा है कि प्रबंधन का दायित्व है कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए कर्मचारियों को संसाधन उपलब्ध कराए, लेकिन प्रबंधन कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों व अभियंताओं का दमन करने पर उतारू है।
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बिजलीकर्मियों ने पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और शीर्ष प्रबंधन पर बिजली निगमों में कार्य का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि बेहतर उपभोक्ता सेवा के लिए कर्मचारियों को संसाधन उपलब्ध कराने के बजाय आए दिन उत्पीड़नात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
संघर्ष समिति की लखनऊ में हुई बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रबंधन का दायित्व है कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए कर्मचारियों को संसाधन उपलब्ध कराए, लेकिन प्रबंधन कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों व अभियंताओं का दमन करने पर उतारू है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक ढंग से विरोध कर रहे कार्मिकों पर अगर कोई कार्रवाई की गई तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी। बैठक में वीपी सिंह, प्रभात सिंह, जीवी पटेल, जय प्रकाश, गिरीश पांडेय, सदरुद्दीन राना, सुहेल आबिद, राजेंद्र घिल्डियाल समेत कई कर्मचारी नेता शामिल हुए।
पदोन्नति से वंचित किए गए कई कर्मी
पदाधिकारियों ने कहा कि प्रबंधन ने हाल ही में पदोन्नतियों की नियमावली में कई प्रतिकूल परिवर्तन किए हैं। इससे उत्कृष्ट और अति उत्तम वार्षिक रिपोर्ट होते हुए भी बड़े पैमाने पर कर्मियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति से वंचित किया गया है।
पश्चिमांचल निगम में हुए तबादले अन्नायपूर्ण
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम से बिना कोई कारण बताए लगभग दो दर्जन जूनियर इंजीनियरों व अभियंताओं को बिना किसी नीति के पूर्वांचल व अन्य विद्युत वितरण निगमों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसका लोकतांत्रिक ढंग से विरोध कर रहे अभियंताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में किए गए अन्यायपूर्ण तबादले निरस्त किए जाएं।
प्रबंधन का पलटवार, कहा- दे रहे बेहतर वातावरण
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने बिजलीकर्मियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बिजली निगमों का प्रबंधन कर्मियों के हितों व अच्छा कार्य वातावरण बनाकर उपभोक्ता हित में परिणाम प्राप्त करने पर ध्यान दे रहा है। पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने कहा कि मुख्यालय स्तर से कर्मचारी संघ एवं संगठनों से प्रबंधन का निरंतर संवाद है। किसी भी समस्या अथवा उचित मांगों के संदर्भ में संगठनों से वार्ता के लिए प्रबंधन हमेशा तत्पर है।
देवराज ने कहा कि उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, राजस्व वसूली तथा उपभोक्ता सेवा बेहतर बनाने के लिए उचित संसाधन, सामग्री तथा मानव शक्ति उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास हो रहा है। जिन स्थानों पर इन संसाधनों की कमी प्रतीत होती है वहां के लिए अतिरिक्त व्यवस्था कर समस्या का समाधान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यवाही में संबंधित कर्मियों को अपना पक्ष रखने तथा उसके बाद व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघों/संगठनों से वार्ता कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक कार्यवाही की जा रही है।
जांच में दोषी कर्मियों का किया गया तबादला
देवराज ने कहा कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में ग्रेटर नोएडा तथा नोएडा में अस्थायी संयोजनों के निर्गमन तथा त्रुटिपूर्ण बिलिंग द्वारा कॉर्पोरेशन को वित्तीय क्षति पहुंचाने का प्रकरण संज्ञान में आने पर मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में गठित समिति ने विस्तृत जांच की। जांच के आधार पर दोषी कर्मियों को स्थानांतरित किया गया है। जांच पारदर्शी ढंग से कराई जा रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई न होने पाए।
किसी को पदोन्नति से नहीं किया गया वंचित
देवराज ने कहा कि उच्च पद पर प्रोन्नत होने वाले कार्मिकों के गुणवत्तापूर्ण चयन की कार्यवाही विभागीय चयन समिति करती है। किसी भी योग्य कर्मी को पदोन्नति से वंचित नहीं किया गया है।