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Lucknow News: 20 वर्षों में भी उच्च प्राथमिक विद्यालय घैला में नहीं पहुंच पाई बिजली
Wed, 27 Aug 2025 02:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 27 Aug 2025 02:44 AM IST
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राजधानी से महज 12 किलोमीटर दूर सि्थत उच्च प्राथमिक विद्यालय घैला में 42 बच्चे आज भी अंधेरे में
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लखनऊ। राजधानी से महज 12 किलोमीटर दूर सि्थत उच्च प्राथमिक विद्यालय घैला में 42 बच्चे आज भी अंधेरे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। डिजिटल इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात करने वाले दौर में इस विद्यालय में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। बच्चे तकनीकी शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम का सपना देखते हैं, लेकिन हकीकत में उन्हें गर्मियों की तपती धूप, अंधेरे कमरे और जंगली जीवों के डर के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
विद्यालय की सबसे बड़ी समस्या है चारदीवारी न होना। जंगल के बीच स्थित इस स्कूल में अक्सर विषैले सांप, बिच्छू और अन्य जंगली जीव कक्षाओं में घुस जाते हैं। बच्चे हर रोज डर के साये में पढ़ाई करते हैं। कई बार शिक्षक भी बच्चों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने को मजबूर हो जाते हैं। स्मार्टबोर्ड और पंखे, पर सपनों तक सीमित
विद्यालय की कक्षाओं में पंखे और ट्यूबलाइट तो लगे हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने से यह सब केवल सजावट का सामान बनकर रह गए हैं। बच्चों का पंखों के नीचे पढ़ने और स्मार्टबोर्ड पर सीखने का सपना हर गर्मी में टूट जाता है।
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प्रधानाचार्य ने कई बार खंड शिक्षा अधिकारी राजनारायण कुशवाहा और बीएसए से मदद की गुहार लगाई, लेकिन फाइलें कभी आगे नहीं बढ़ पाईं। सहायक अध्यापक सैय्यद मो. सैफुद्दीन बताते हैं कि पिछले महीने झटपट पोर्टल पर बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। खंभे और तार सब लगे हैं, बस कनेक्शन नहीं।
तकनीकी शिक्षा का सपना धूमिल
डिजिटल इंडिया के दौर में बच्चे चाहते हैं कि वे भी कंप्यूटर, इंटरनेट और स्मार्ट क्लासेस की मदद से पढ़ाई करें, लेकिन इस विद्यालय में कंप्यूटर लैब नहीं, स्मार्टबोर्ड नहीं, बिजली नहीं। यहां के बच्चों का भविष्य प्रशासनिक लापरवाही के अंधेरे में थम सा गया है।
विद्यालय एक नजर में
भवन निर्माण : वर्ष 2005
विद्यार्थी संख्या : 42
अध्यापक : 4
कक्षाएं : 6 से 8 तक
सुविधाएं : न कंप्यूटर लैब, न स्मार्टबोर्ड, न बिजली
वर्जन
विद्यालय में बिजली और चारदीवारी न होने का मामला संज्ञान में आया है। इसे दिखवाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
- राम प्रवेश, बेसिक शिक्षा अधिकारी
विद्यालय की ओर से कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया है। 100 रुपये की रसीद कटवाने की प्रक्रिया कल पूरी हो जाएगी। इसके बाद कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- सुबोध यादव, जेई, रामचंद्र मिशन उपकेंद्र
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विद्यालय की सबसे बड़ी समस्या है चारदीवारी न होना। जंगल के बीच स्थित इस स्कूल में अक्सर विषैले सांप, बिच्छू और अन्य जंगली जीव कक्षाओं में घुस जाते हैं। बच्चे हर रोज डर के साये में पढ़ाई करते हैं। कई बार शिक्षक भी बच्चों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने को मजबूर हो जाते हैं। स्मार्टबोर्ड और पंखे, पर सपनों तक सीमित
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विद्यालय की कक्षाओं में पंखे और ट्यूबलाइट तो लगे हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने से यह सब केवल सजावट का सामान बनकर रह गए हैं। बच्चों का पंखों के नीचे पढ़ने और स्मार्टबोर्ड पर सीखने का सपना हर गर्मी में टूट जाता है।
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प्रधानाचार्य ने कई बार खंड शिक्षा अधिकारी राजनारायण कुशवाहा और बीएसए से मदद की गुहार लगाई, लेकिन फाइलें कभी आगे नहीं बढ़ पाईं। सहायक अध्यापक सैय्यद मो. सैफुद्दीन बताते हैं कि पिछले महीने झटपट पोर्टल पर बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। खंभे और तार सब लगे हैं, बस कनेक्शन नहीं।
तकनीकी शिक्षा का सपना धूमिल
डिजिटल इंडिया के दौर में बच्चे चाहते हैं कि वे भी कंप्यूटर, इंटरनेट और स्मार्ट क्लासेस की मदद से पढ़ाई करें, लेकिन इस विद्यालय में कंप्यूटर लैब नहीं, स्मार्टबोर्ड नहीं, बिजली नहीं। यहां के बच्चों का भविष्य प्रशासनिक लापरवाही के अंधेरे में थम सा गया है।
विद्यालय एक नजर में
भवन निर्माण : वर्ष 2005
विद्यार्थी संख्या : 42
अध्यापक : 4
कक्षाएं : 6 से 8 तक
सुविधाएं : न कंप्यूटर लैब, न स्मार्टबोर्ड, न बिजली
वर्जन
विद्यालय में बिजली और चारदीवारी न होने का मामला संज्ञान में आया है। इसे दिखवाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
- राम प्रवेश, बेसिक शिक्षा अधिकारी
विद्यालय की ओर से कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया है। 100 रुपये की रसीद कटवाने की प्रक्रिया कल पूरी हो जाएगी। इसके बाद कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- सुबोध यादव, जेई, रामचंद्र मिशन उपकेंद्र

राजधानी से महज 12 किलोमीटर दूर सि्थत उच्च प्राथमिक विद्यालय घैला में 42 बच्चे आज भी अंधेरे में

राजधानी से महज 12 किलोमीटर दूर सि्थत उच्च प्राथमिक विद्यालय घैला में 42 बच्चे आज भी अंधेरे में

राजधानी से महज 12 किलोमीटर दूर सि्थत उच्च प्राथमिक विद्यालय घैला में 42 बच्चे आज भी अंधेरे में

राजधानी से महज 12 किलोमीटर दूर सि्थत उच्च प्राथमिक विद्यालय घैला में 42 बच्चे आज भी अंधेरे में