चुनाव आयोग ने दिए संकेत : वक्त पर होंगे यूपी विधानसभा चुनाव, वोटिंग का समय एक घंटे बढ़ेगा
आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को मीडिया में यह प्रसारित करना होगा कि उनके खिलाफ कौन-सी धाराएं लगी हैं, कौन-से मामले चल रहे हैं। राजनीतिक दलों को भी यह प्रसार करना होगा कि उन्होंने ऐसी पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को क्यों चुना है?
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विस्तार
चुनाव आयोग ने यूपी समेत सभी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव समय पर कराने के संकेत दिए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सभी दल कोविड प्रोटोकॉल के साथ समय पर ही चुनाव कराने को सहमत हो गए हैं। चुनाव में पहली बार दिव्यांगों, बुजुर्गों और कोरोना संक्रमितों को घर से वोट डालने की सुविधा दी जाएगी। वहीं, कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए मतदान का समय एक घंटे बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में तीन दिवसीय चुनावी दौरे के समापन के मौके पर चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी। विधानसभा का कार्यकाल 4 मई को पूरा हो रहा है।
सुशील चंद्रा ने रैलियों में जुट रही भीड़ पर नियंत्रण के लिए आचार संहिता के साथ दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अधिक जोर डिजिटल रैली पर दिया जाएगा। चंद्रा के मुताबिक रैलियों और रोड शो को लेकर कुछ राजनैतिक दलों ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने राज्य सरकार से टीकाकरण बढ़ाने और पात्र लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज समय पर देने को कहा है। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए 23 दिसंबर को केंद्र सरकार को यूपी चुनाव डालने की सलाह दी थी। चंद्रा ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम पर जल्द अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बूथ पर वोटर घटेंगे, 11 हजार पोलिंग बूथ बढ़ेंगे
आयोग ने कहा, अब तक एक बूथ पर 1500 वोटर मतदान करते थे। अब यह संख्या घटाकर 1250 की जाएगी। इसके लिए पोलिंग बूथों की संख्या में 11 हजार की वृद्धि की जाएगी। इस बार कुल 1,74,351 पोलिंग बूथों पर मतदान होगा। वहीं हर सीट पर दस दस यानी कुल 4030 मॉडल पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। 800 ऐसे बूथ होंगे जहां केवल महिला मतदान कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर
चंद्रा ने कहा कि यूपी में पिछले विस चुनाव में 61 फीसदी वोटिंग हुई थी, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में यह दो फीसदी घटकर 59 फीसदी रह गई। यहां मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। कम मतदान वाले स्थानों को चिह्नित कर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग का समय है। इसे एक घंटा बढ़ाया जाएगा। इसकी टाइमिंग क्या होगी, इसका निर्णय बाद में किया जाएगा।
मतदान कर्मी फ्रंट लाइन वर्कर, सभी को लगेगी बूस्टर डोज
आयोग ने कहा कि मतदान कर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर माना गया है। केंद्रों पर उन्हीं लोगों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिन्हें कोरोना टीके की दोनों डोज लग चुकी हो। इसके अलावा इन कर्मियों को बूस्टर डोज लगवाए जाने की भी योजना है। उन्होंने बताया कि 86 प्रतिशत लोगों को कोरोना का पहला टीका लग चुका है। 49 प्रतिशत को दूसरी डोज भी लग चुकी है। आयोग ने कहा कि अगले 15 से 20 दिन में कोरोना के बाकी टीके भी लग जाएं।
घर से वोटिंग की होगी वीडियोग्राफी
निष्पक्षता बरकरार रखने के लिए घरों से दिव्यांगों व बुजुर्गों के मतदान की पूरी वीडियोग्राफी की जाएगी। वे पोस्टल बैलेट से वोट डाल सकेंगे। घर से वोट डालने के इच्छुक मतदाताओं को पहले से आवेदन करना होगा। इसकी एक सूची सभी राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इनके मतदान की गोपनीयता बरकरार रहे। अगर कोई दिव्यांग या बुजुर्ग वोटर बूथ पर जाना चाहे तो उसका स्वागत है।
5 जनवरी को आएगी मतदाता सूची
चंद्रा ने बताया कि मतदाता सूची 5 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। मतदाताओं को नामांकन की अंतिम तिथि तक अपनी आपत्तियां व दावे दाखिल करने होंगे। मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी अगर किसी का नाम छूट जाता है तो वह अपना नाम जुड़वा सकता है। अभी यूपी में 15 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। अब तक रिकॉर्ड 52.80 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए हैं। इनमें 28.86 लाख महिला वोटर हैं।
मतदाता सूची में जुड़ेंगे 52 लाख नए मतदाता
तैयारियों की तीन दिन समीक्षा करने के बाद चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनाव समय से कराने का संकेत दिए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि प्रदेश में अभी 15 करोड़ से अधिक वोटर थे। संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के बाद लगभग 52 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। इनमें महिलाओं की संख्या 28.86 लाख और पुरुषों की 23.92 लाख है। इनमें 19.89 हजार ऐसे मतदाता जुड़े हैं जो पहली बार मतदान में हिस्सा ले सकेंगे।
प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या कितनी है इसका पता पांच जनवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद चलेगा। सूची के प्रकाशन के बाद भी अगर किसी का नाम छूट जाता है तो वह अपना नाम जुड़वा सकता है। ऐसे मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। आयोग ने बताया है कि मतदाता सूची में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के अनुपात में सुधार हुआ है। 2017 में जहां प्रति एक हजार पुरुष वोटर के 839 महिलाएं थीं। वहीं अब यह संख्या 868 हो गई है।
आयुक्त ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मतदान केंद्रों का दौरा करें जहां पांच से अधिक बूथ बने हैं। वहां की सारी व्यवस्थाएं जैसे रैंप, बिजली, शौचालय, पेयजल की व्यवस्था व नेटवर्क की स्थिति खुद परखें। बूथों पर व्हील चेयर व पिक एंड ड्राप की सुविधा उपलब्ध कराएं। इसके लिए मतदाता को पहले से आवेदन करना होगा।
दो दिन में बचे अफसरों व कर्मियों का स्थानांतरण
आयोग ने कहा कि प्रदेश में 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण चुनाव को लेकर तय किए गए मानकों के अनुरूप किए गए हैं। जिन अधिकारियों या पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण अब तक नहीं हुए हैं उन्हें अगले दो दिन में करने का भरोसा मुख्य सचिव और डीजीपी ने दिलाया है।
रहेगी जीरो टॉलरेंस की नीति
चंद्रा ने कहा कि चुनाव में पक्षपात करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिनके खिलाफ शिकायत मिली है उनकी जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
सभी बूथों पर वीवीपैट
आयुक्त ने कहा कि चुनाव की पारदर्शिता व निगरानी के लिए एक लाख 73 हजार बूथों में से एक लाख बूथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी। सभी बूथों पर वीवीपैट लगाए जाएंगे। हर विधानसभा में कम से कम पांच-पांच बूथों पर पड़े वोटों का मिलान ईवीएम व वीवीपैट से कराया जाएगा।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी
आयोग ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अफसरों से संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों की व्यवस्था पर जानकारी ली और विशेष चौकसी के निर्देश दिए हैं। मानव रहित हवाई पट्टियों पर भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसे स्थानों पर चार्टर्ड प्लेन या हेलीकॉप्टर से पैसों की आवाजाही न हो।
कांग्रेस के दूसरे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं
आयोग ने कांग्रेस के दूसरे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात से इंकार कर दिया। आयोग ने कहा कि 28 दिसंबर को जो प्रतिनिधिमंडल मिला था वह अधिकृत था। चंद्रा ने उप्र कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी वह पत्र भी दिखाया जिसमें ओंकार सिंह व वीरेंद्र को पार्टी की ओर से अधिकृत किया गया था।
पार्टियां बताएंगी अपराधी को चुनाव लड़ाने का कारण
आयुक्त ने बताया कि इस बार भी आपराधिक छवि के प्रत्याशियों की सहभागिता कम करने के लिए उनके बारे में लोगों को विज्ञापन के माध्यम से बताया जाएगा। प्रत्याशी द्वारा समाचार पत्र व टीवी पर अपने आपराधिक इतिहास का विज्ञापन देने के साथ-साथ संबंधित पार्टी को भी बताना होगा कि वह ऐसे प्रत्याशी को क्यों चुनाव लड़ा रही है।
मतदाता एक्सप्रेस को हरी झंडी
आयोग ने बृहस्पतिवार को मतदाता एक्सप्रेस बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बस 18 जनवरी तक प्रदेश भर में मतदाताओं को जागरूक करेगी। आयोग ने जागरूकता के लिए स्वीप प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।
पार्टियों को बताना होगा अपराधी को चुनाव लड़ाने का कारण
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस बार भी आपराधिक छवि के प्रत्याशियों की सहभागिता कम करने के लिए उनके बारे में लोगों को विज्ञापन के माध्यम से बताया जाएगा। प्रत्याशी द्वारा समाचार पत्र व टीवी पर अपने आपराधिक इतिहास का विज्ञापन देने के साथ-साथ संबंधित पार्टी को भी बताना होगा कि वह ऐसे प्रत्याशी को क्यों चुनाव लड़ा रही है।