रफ्तार पकड़ते बाजार को झटका दे रहा वीकेंड लॉकडाउन, व्यापारियों ने बयां की अपनी पीड़ा
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जबकि शनिवार और रविवार को इसमें 40 फीसदी की और वृद्धि हो जाती है। इन दिनों इसी 280 करोड़ के कारोबार से बाजार वंचित हैं। जाहिर है कि वीकली लॉकडाउन से बाजार को तगड़ी चोट लगी है। यहियागंज, अमीनाबाद, नाका, आशियाना और भूतनाथ मार्केट आदि बाजारों के व्यापारियों ने बताया कि सप्ताह के आखिरी दो दिनों में नौकरीपेशा लोग खरीदारी करने निकलते हैं।
इससे आम दिनों के अपेक्षा अधिक कारोबार होता है। अगर वीकली लॉकडाउन से राहत मिल जाए तो बाजार अपनी पुरानी रंगत में लौट आएंगे। व्यापार मंडल के पदाधिकारी व्यापारियों ने बताया कि कोरोना काल से पहले नौ महीने अक्तूबर से जून तक रोजाना सभी बाजारों का 200 करोड़ रुपये रोज का व्यापार होता था। क्योंकि इस दौरान नवरात्र, दिवाली, होली और सहालग में ग्राहक जमकर खरीदारी करते हैं। जबकि जुलाई, अगस्त और सितंबर में 125-150 करोड़ रुपये रोजाना का व्यापार होता है।
बंदी के बाद भी बढ़ रहे मरीज
बंदी का कोई अच्छा परिणाम नहीं निकल रहा है। संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए शनिवार व रविवार की बंदी खत्म करके साप्ताहिक बंदी को लागू किया जाए। - सतपाल सिंह मीत ,अध्यक्ष नाका बाजार व्यापार मंडल
साप्ताहिक बंदी से भी नहीं होगी भीड़
शहर में अलग-अलग तीन दिन बुधवार, गुरुवार व रविवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। अगर वही व्यवस्था कर दी जाए तो एक साथ भीड़ भी नहीं होगी। दो दिन की बंदी से व्यापार का नुकसान है। - अमरनाथ मिश्र, वरिष्ठ महामंत्री लखनऊ व्यापार मंडल
होलसेल कारोबारियों की बड़ी दिक्कत
शनिवार-रविवार को खुलें बाजार
साप्ताहिक बंदी जैसे कस्टमर के दिमाग में अभी भी ट्रांसगोमती क्षेत्र में बुधवार बंदी का ही दिन रहता है। इससे बुधवार को भी व्यापार बहुत ही कम रहता है। सप्ताह के आखिरी दो दिनों में बाजार खोले जाएं। - देवेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष भूतनाथ व्यापार मंडल
व्यापार की दृष्टि से रविवार महत्वपूर्ण
रविवार को सभी करते हैं खरीदारी
बाजार ज्यादातर गुरुवार या बुधवार को बंद रहते है। सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी शनिवार या इतवार को रहती है। कर्मचारी इसी दिन खरीदारी भी कर लेते हैं। - मनीष कुमार वर्मा, अध्यक्ष-लखनऊ महानगर सर्राफा एसोसिएशन
कोरोना पर भी ब्रेक नहीं, लगातार बढ़ रहे केस
लॉकडाउन का फायदा इतना जरूर है कि सैनिटाइजेशन करने और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए वक्त मिल जाता है। शनिवार और रविवार की बंदी की वजह से लोग घरों में रहते हैं। ऐेसे में तेजी से बढ़ने वाली वायरस की चेन धीमी हो जाती है। हर व्यक्ति को कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन करना होगा तभी इससे निजात मिलेगी।
हर साप्ताहिक लॉकडाउन के बाद सोमवार को मिले मरीज
6 जुलाई 37
13 जुलाई 196
20 जुलाई 282
27 जुलाई 312
3 अगस्त 507
10 अगस्त 629
अगले दिन उमड़ती है भीड़
साप्ताहिक लॉकडाउन से वायरस के फैलाव की गति धीमी हो जाती है। ऐसे में प्रशासन को अपनी तैयारी करने के लिए समय मिल जाता है। कार्यालयों, दुकानों आदि के सैनिटाइजेशन का वक्त मिलता है। लेकिन अगले दिन भीड़ बढ़ने की वजह से फिर स्थिति अनियंत्रित हो जाती है। - डॉ. जीके सिंह, पूर्व निदेशक एम्स पटना।