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Lucknow News: सर्वोदय बालिका विद्यालय में पढ़ाई चौपट, पिता ने बेटी का स्कूल ही छुड़ा दिया

Wed, 19 Aug 2026 02:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:33 AM IST
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Education in shambles at Sarvodaya Girls' School; father pulls daughter out of school entirely.
नवनीत 
लखनऊ। बेटी की पढ़ाई का साल खराब होने के डर ने इटावा निवासी एक पिता को ऐसा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया, जो किसी भी स्कूल के लिए चिंता की घंटी है। मोहान रोड स्थित समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जेपी नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था से परेशान होकर अभिभावक नवनीत कुमार ने अपनी बेटी का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) कटवा लिया। अब उन्होंने बेटी का दाखिला इटावा के राजकीय इंटर कॉलेज में कराया है। मंगलवार को चार अन्य अभिभावकों ने भी बच्चों का नाम कटवाने के लिए विद्यालय में प्रार्थना पत्र दिया।
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नवनीत कुमार ने अमर उजाला के कैमरे पर बताया कि उनकी बेटी कक्षा नौ में पढ़ती थी। बेटी पिछले काफी समय से उन्हें बता रही थी कि विद्यालय में दिनभर में केवल दो कक्षाएं ही चलती हैं। इसके बाद बच्चों को ऐसे ही छोड़ दिया जाता था। बेटी ने रोते हुए उनसे कहा कि यहां बहुत समस्या हो रही है, ठीक से पढ़ाई नहीं हो रही और उसका पूरा साल खराब हो जाएगा।
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मंगलवार को विद्यालय पहुंचे चार अन्य अभिभावकों रामानुज, सूरज पाल, जितेंद्र कुमार और अनिल वर्मा ने भी बच्चों का नाम कटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। हालांकि, उन्होंने कैमरे पर अपनी बात नहीं रखी। प्रधानाचार्य से मामले में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने विद्यालय का गेट खोलने से मना कर दिया। वहीं जिम्मेदार विभागीय अफसर भी मामले में जवाबदेही से बचते नजर आए।
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स्कूल में आंतरिक विवाद और आरोप
विद्यालय के आंतरिक माहौल को लेकर भी अभिभावक ने चिंता जताई। उनका कहना है कि बच्चों और अध्यापिकाओं से उन्हें पता चला कि प्रधानाचार्य और सहायक अध्यापकों के बीच विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरुष अभिभावकों को विद्यालय के अंदर नहीं जाने दिया जाता और केवल महिला अभिभावकों को ही बुलाया जाता है। इस पर पिता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों की समस्याओं पर बात करना अभिभावकों का अधिकार है।

20 पद निर्धारित, बालक कॉलेज में सिर्फ आठ शिक्षक
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जेपी नारायण सर्वोदय बालक और बालिका इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। दोनों कॉलेजों में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के 20-20 पद निर्धारित हैं। बालक इंटर कॉलेज में फिलहाल सिर्फ आठ शिक्षकों के सहारे पढ़ाई हो रही है। विभाग दो शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात कह रहा है। वहीं चार अंशकालिक शिक्षकों की भर्ती भी फंसी हुई है। इन सभी को जोड़ लिया जाए तो भी शिक्षकों की संख्या 14 ही पहुंचती है। बालिका इंटर कॉलेज में भी निर्धारित पदों के मुकाबले शिक्षकों की तैनाती कम है। बताया जा रहा है कि यहां 16 शिक्षक तैनात हैं। इनमें दो मुख्य विषयों की शिक्षिकाएं लंबे अवकाश पर हैं। शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए अंशकालिक शिक्षकों की भर्ती की जाती है, लेकिन इसे समय पर पूरा नहीं किया गया।

पहले छात्र सड़क पर उतरे, फिर छात्राओं ने किया प्रदर्शन

जेपी नारायण सर्वोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लगातार प्रदर्शन ने समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। 14 अगस्त को सर्वोदय बालक इंटर कॉलेज के छात्रों ने शिक्षकों की कमी, पुस्तकालय समेत अन्य समस्याओं को लेकर मोहान रोड पर प्रदर्शन किया था। राज्यमंत्री समाज कल्याण विभाग असीम अरुण ने छात्रों से बात कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। बाद में विभाग के अफसर भी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। हालांकि, इसके बाद बालिका विद्यालय की व्यवस्थाओं की जांच नहीं की गई। सोमवार सुबह बारिश के बीच छात्राएं लखनऊ-हरदोई मार्ग पर बैठकर विरोध-प्रदर्शन किया था।


जेन-अल्फा का मन टटोलने में जुटे अफसर
जेन-अल्फा के आक्रोेश और फजीहत के बाद अफसर गंभीर हुए हैं। विद्यालय में पहुंचकर छात्र-छात्राओं का मन टटोलने का प्रयास किया जा रहा है। अभिभावकों से भी बात की गई है। सोमवार को सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं के सड़क पर उतरने के बाद से मंगलवार दिन तक कई अफसर स्कूल पहुंचे। छात्राओं से बात कर समस्याएं जानीं। समाज कल्याण अधिकारी मंगलवार को कई घंटे तक कॉलेज में रहे। विद्यालय की व्यवस्थाओं से लेकर कॅरिअर से जुड़े सवाल किए। पढ़-लिखकर कौन क्या बनना चाहता है। यह भी पूछा कि किस क्षेत्र में अधिक रुचि है। इस दौरान कई अभिभावकों से भी जानकारी ली।
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