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Lucknow: फर्जी तरीके से शाइन सिटी की जमीन बिकने की ईडी करेगी जांच, पूर्व मंत्री के बेटे को बेची गई थी भूमि
Wed, 26 Jun 2024 02:11 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 26 Jun 2024 02:11 PM IST
सार
जमीन की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग अंजाम देने की आशंका है। जेल में बंद निदेशक अमिताभ श्रीवास्तव की जगह दूसरे को पेश कर रजिस्ट्री हुई।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
वाराणसी से लखनऊ पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर आए शाइन सिटी के निदेशक अमिताभ श्रीवास्तव की जगह दूसरे की गलत पहचान कर जमीन बेचने के मामले की जांच ईडी करेगा। इस प्रकरण में ईओडब्ल्यू की ओर से मोहनलालगंज कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे को ईडी शाइन सिटी के खिलाफ चल रही जांच में शामिल करने जा रहा है, जिसके बाद इस संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
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बता दें कि इस संपत्ति को बेचने के आठ दिन बाद ही इसे पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बेटे को बेच दिया गया था। ईडी के अधिकारियों को शक है कि इस संपत्ति की खरीद-फरोख्त के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग अंजाम दी गई है।
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इस प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट ने भी जांच एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई थी, जिसके बाद बीते सप्ताह ईओडब्ल्यू की ओर से मोहनलालगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में शाइन सिटी के निदेशक अमिताभ श्रीवास्तव, संपत्ति खरीदने वाले पंकज मिश्रा, गवाह विपिन यादव, ज्ञान प्रकाश अवस्थी और मोहनलालगंज सब रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नामजद किया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर वाराणसी और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की जांच में सामने आया कि 24 सितंबर 2022 को संपत्ति की रजिस्ट्री करने के दौरान अमिताभ श्रीवास्तव पेशी पर वाराणसी जेल से लखनऊ नहीं आया था। उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति की गलत पहचान अमिताभ श्रीवास्तव के रूप में कराकर रजिस्ट्री कर दी गई थी।