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UP: नोएडा अथॉरिटी के पूर्व ओएसडी की जांच करेगा ईडी, काली कमाई का सुराग मिलने से हरकत में आया निदेशालय
Sun, 29 Dec 2024 08:18 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 29 Dec 2024 08:18 PM IST
सार
विजिलेंस की कार्रवाई में अकूत काली कमाई के सुराग के बाद प्रवर्तन निदेशालय हरकत में आ गया है। दर्ज मुकदमे के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करने की तैयारी है।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
नोएडा अथॉरिटी के पूर्व ओएसडी रवींद्र सिंह यादव की चल-अचल संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी करेगा। विजिलेंस की ओर से बीते दिनों नोएडा और इटावा में पूर्व ओएसडी के ठिकानों पर छापों में अकूत काली कमाई के सुराग मिलने के बाद ईडी भी हरकत में आया है।
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इसके बाद विजिलेंस को पत्र लिखकर रवींद्र के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के दर्ज मुकदमे की प्रमाणित प्रति हासिल कर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करने की तैयारी है। दरअसल, ईडी के रडार पर नोएडा अथॉरिटी के तमाम ऐसे अफसर हैं जिन्होंने बीते 15 सालों में करोड़ों रुपये की काली कमाई जुटाई है।
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ईडी ने नोएडा अथॉरिटी से अहम पदों पर तैनात रहे ऐसे अफसरों का ब्योरा भी तलब किया है। इनमें अब रवींद्र सिंह यादव का नाम भी जुड़ गया है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि उनके कार्यकाल में अंजाम दिए गए किन घोटालों की जांच वर्तमान में जारी है ताकि बाकी अधिकारियों के साथ उन्हें भी इसके दायरे में लाया जा सके।
वहीं, विजिलेंस के छापों में करीब 50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जुटाने के पुख्ता सुबूत मिलने के बाद अधिकारियों को शक है कि उनके पास इससे भी कई गुना अधिक संपत्तियां हैं। फिलहाल विजिलेंस के अधिकारी इटावा में उनकी एक दर्जन से अधिक संपत्तियों और स्कूल का ब्योरा जुटा रहे हैं। इसके बाद पूर्व ओएसडी और उनके बेटे को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।