अफगानिस्तान से उठी भूकंप की लहरों से थर्राया उत्तर भारत
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अफगानिस्तान से उठी भूकंप की लहरों से सोमवार दोपहर पूरा उत्तर भारत थर्रा उठा। दोपहर करीब 2:45 बजे झटके महसूस करने के बाद लोगों में देर तक खौफ देखा गया।
वहीं, राजधानी लखनऊ में भूकंप के चलते पुराने शहर से लेकर हजरतगंज, गोमतीनगर और आलमबाग में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप आने के कुछ देर पहले ही स्कूलों में छुट्टी हो गई थी।
बच्चों की घर पहुंच जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इससे पहले अप्रैल और मई में नेपाल में आए भूकंप के दौरान राजधानी में जितने तेज झटके महसूस किए गए थे, वैसी तीव्रता इस बार नहीं महसूस हुई। जीएसआई ने राजधानी में तीव्रता लगभग तीन आंकी गई है। अलबत्ता रात तक लोगों में भूकंप को लेकर दहशत देखा गया।
मेज हिली तो सातवीं मंजिला से नीचे उतर आए
दोपहर पौने तीन बजे इंदिरा भवन में 7वीं मंजिल पर मौजूद स्थानीय निकाय निदेशालय कार्यालय केकर्मचारियों को मेज हिलती महसूस हुई। इसी बीच किसी ने सूचना दी कि टीवी पर भूकंप की खबर की जानकारी दी। आनन-फानन कर्मचारी बहुमंजिला इमारत से निकलकर नीचे खुले मैदान में आ गए।
रिहाइशी इमारतों में दिखा डर
विभूतिखंड के शालीमार अपार्टमेंट, हजरतगंज के लाप्लास अपार्टमेंट, गोमतीनगर विस्तार के गंगा, जमुना, सरस्वती और सतलुज अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भूकंप के खौफ से घरों से निकल कर बाहर आ गए। लाप्लास अपार्टमेंट की विनीता मिश्रा ने बताया कि वह बेडरूम में लेटी हुई थीं। तभी लगा कि बिल्डिंग हिल रही है। तत्काल बेटी को लेकर बाहर आ गई। यह हालांकि ज्यादा देर तक नहीं रहा।
पार्क में गुजारा समय
भूकंप के डर से विभूतिखंड स्थित टीसीएस का स्टाफ ऑफि स से बाहर पार्क में आ गया। टीसीएस में अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि अफगानिस्तान में भूकंप तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.5 मांपी गई। यह बहुत ज्यादा है। इसी डर से पूरा स्टाफ बाहर आ गया। हालांकि, सब कुछ सामान्य होने के कुछ देर बाद स्टाफ काम पर लौट गया। यही स्थिति एल्डिको टॉवर में थी।
खाना छोड़, जान बचाने भागे
वोडाफोन में सेल्स एक्जीक्यूटिव प्रभात कुमार शालीमार कॉपोरेट की 11वीं मंजिल पर कैफेटेरिया में खाना खा रहे थे। भूकंप के झटके आने पर कैफेटेरिया में मौजूद दूसरे लोगों के साथ ही वे सीढ़ियों से नीचे भागे। लिफ्ट भी भूकंप के चलते बंद हो गई। काफी देर बाद स्थिति सामान्य होने पर लोग काम पर लौटे। इसमें वीवो मोबाइल, सैमसंग, इलाहाबाद ग्रामीण बैंक का स्टाफ भी शामिल रहा।