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एक साल में ढाई गुना हुआ ओडीओपी उत्पादों का ई-कारोबार, लॉकडाउन के दौरान भी अच्छी रही बिक्री
Thu, 16 Jul 2020 12:51 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 16 Jul 2020 12:51 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश में ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के उत्पादों का ई कॉमर्स से कारोबार एक साल में ढाई गुना से अधिक हो गया है। लॉकडाउन की अवधि में भी ओडीओपी के उत्पादों की मांग और बिक्री अच्छी हुई है। ओडीओपी के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए 2018 में ई- कॉमर्स कंपनियों से एमओयू किया गया था। ई-कॉमर्स में कारोबार के लिए 353 फर्म पंजीकृत हुई हैं।
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इस साल मार्च में ओडीओपी के उत्पादों का कारोबार 2 करोड़ 36 लाख 44 हजार 277 रुपये हुआ जबकि मार्च 2019 में केवल 43 लाख 77 हजार 372 रुपये का कारोबार हुआ था। अप्रैल में लॉकडाउन के दौरान 48551 उत्पादों की बिक्री के साथ 2 करोड़ 34 लाख 62 हजार रुपये का कारोबार हुआ। जबकि अप्रैल 2019 में केवल 11149 उत्पादों की बिक्री के साथ 54 लाख का कारोबार हुआ था।
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चुनौती बहुत है
ओडीओपी योजना को लागू होने के ढाई साल बाद भी अभी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ओडीओपी में पंजीकृत होने के लिए फर्म का जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है, लेकिन छोटे उद्यमी पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। अधिकांश लोग तकनीकी रूप से समर्थ नहीं हैं लिहाजा वे ई-कॉमर्स में अपने आप को अपडेट नहीं कर रहे हैं।
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ओडीओपी उत्पादों के प्रसंस्करण में मदद करेगा विश्व बैंक
नवनीत सहगल
- फोटो : अमर उजाला
ओडीओपी में काम करने वाली संस्थाओं ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत ओडीओपी का ई-कॉमर्स के जरिए कारोबार बढ़ाने के सुझाव दिए हैं। उन्होंने ओडीओपी से जुड़े उद्यमियों को कार्यशाला आयोजित कराने, उन्हें प्रशिक्षण देने का भी सुझाव दिया है। एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनवरी 2018 में नई उड़ान नई पहचान के संकल्प के साथ ओडीओपी योजना लागू की थी।
इससे परंपरागत उत्पादों को नई पहचान मिली है। श्रमिकों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के साथ अच्छा काम करने वाली इकाई को मुख्यमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में सम्मानित किया जा रहा है।
'एक जिला-एक उत्पाद' कार्यक्रम की साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई नवनीत सहगल ने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन चर्चा की। कैसरबाग स्थित निर्यात प्रोत्साहन भवन में आयोजित संवाद चर्चा में उन्होंने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों को ओडीओपी कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।
सहगल ने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में ओडीओपी प्रकोष्ठ के साथ काम करने का निमंत्रण दिया। इस प्रस्ताव के तहत विश्व बैंक और प्रकोष्ठ मिलकर उन 13 जिलों के लिए रणनीति बनाएगा, जहां कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद ओडीओपी उत्पाद चुने गए हैं।
इससे परंपरागत उत्पादों को नई पहचान मिली है। श्रमिकों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के साथ अच्छा काम करने वाली इकाई को मुख्यमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में सम्मानित किया जा रहा है।
'एक जिला-एक उत्पाद' कार्यक्रम की साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई नवनीत सहगल ने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन चर्चा की। कैसरबाग स्थित निर्यात प्रोत्साहन भवन में आयोजित संवाद चर्चा में उन्होंने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों को ओडीओपी कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।
सहगल ने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में ओडीओपी प्रकोष्ठ के साथ काम करने का निमंत्रण दिया। इस प्रस्ताव के तहत विश्व बैंक और प्रकोष्ठ मिलकर उन 13 जिलों के लिए रणनीति बनाएगा, जहां कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद ओडीओपी उत्पाद चुने गए हैं।