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लविविः बीएड-एमएड प्रवेश में फंसा पेंच
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फीस में अंतर के कारण अगले सेमेस्टर में प्रमोट नहीं हो पा रहे छात्र
लविवि प्रशासन ने अब तक बीएड की फीस जमा करने के नहीं किए इंतजाम
बीएड का रिजल्ट जारी न होने से एमएड में भी नहीं हो रहा प्रवेश
लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएड-एमएड प्रवेश में पेंच फंसा हुआ है। बीएड दूसरे सेमेस्टर की फीस में अंतर के कारण विद्यार्थी तीसरे सेमेस्टर में प्रमोट नहीं हो पा रहे हैं। वहीं बीएड फाइनल ईयर का रिजल्ट न आने के कारण प्रवेश परीक्षा के दो महीने बाद भी एमएड में प्रवेश नहीं हो पा रहा है। दोनों कोर्सों में प्रवेश की समस्या विवि प्रशासन की लापरवाही की वजह से है और परेशानी छात्रों को झेलनी पड़ रही है।
विवि में बीएड की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम से हो रही है। प्रवेश के समय विद्यार्थियों से वार्षिक मोड पर लगभग 16 हजार रुपये शुल्क जमा कराया गया। जबकि दोनों सेमेस्टर मिलाकर शुल्क लगभग 22 हजार रुपये होता है। विद्यार्थियों ने पहले-दूसरे सेमेस्टर में तो पढ़ाई पूरी कर ली, लेकिन अब उन्हें तीसरे सेमेस्टर में प्रमोट नहीं किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विद्यार्थियों ने पूरा शुल्क नहीं जमा किया। अब वे फीस का डिफरेंस जमा करने के लिए बीएड विभाग, वित्त अधिकारी व प्रवेश समन्वयक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इतना ही नहीं, इस साल जब महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने बीएड प्रवेश परीक्षा कराई, तब भी विवि की ओर से उन्हें वार्षिक मोड पर ही शुल्क 16 हजार रुपये बताया गया। इस बार भी विद्यार्थियों से आधी-अधूरी फीस ही जमा करवाई गई। दूसरी तरफ विवि में अभी भी कई सहयुक्त कॉलेजों के बीएड अंतिम वर्ष के परिणाम नहीं जारी किए गए। इससे अब तक विवि प्रशासन नए सत्र 2019-20 में एमएड की 575 सीटों पर प्रवेश नहीं ले सका है।
विवि प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को तीन बार बीएड की मार्क्सशीट अपलोड करने का अवसर दिया गया। मगर अभी भी लगभग 50 विद्यार्थियों ने मार्क्सशीट अपलोड नहीं की है। इसकी वजह से विवि प्रशासन एमएड प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं कर पा रहा है। इस मामले में भी विवि के विभागों के आपसी समन्वय की कमी दिख रही है। विद्यार्थियों को परीक्षा विभाग व प्रवेश समन्वयक कार्यालय दौड़ा रहे हैं।
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ऑनलाइन प्रवेश लेकिन ऑनलाइन रिड्रेसल नहीं
विवि प्रशासन अधिकतर कोर्सों में ऑनलाइन प्रवेश की व्यवस्था देकर अपनी पीठ थपथपाता है, लेकिन यहां अभी तक विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन रिड्रेसल की कोई व्यवस्था नहीं दी गई है। अब विद्यार्थी कभी फीस संबंधी समस्या, कभी साइट न चलने की समस्या लेकर प्रवेश समन्वयक कार्यालय, डीन ऑफिस व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटते रहते हैं।
व्यवस्था की जा रही है
बीएड विद्यार्थियों के शुल्क का डिफरेंस जमा करने की व्यवस्था की जा रही है। वित्त विभाग से फीस की जानकारी मांगी गई है। एमएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम विद्यार्थियों की बीएड की मार्क्सशीट अपलोड करने के बाद जारी कर दिया जाएगा।
- प्रो. अनिल मिश्रा, प्रवेश समन्वयक, लविवि
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लविवि प्रशासन ने अब तक बीएड की फीस जमा करने के नहीं किए इंतजाम
बीएड का रिजल्ट जारी न होने से एमएड में भी नहीं हो रहा प्रवेश
लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएड-एमएड प्रवेश में पेंच फंसा हुआ है। बीएड दूसरे सेमेस्टर की फीस में अंतर के कारण विद्यार्थी तीसरे सेमेस्टर में प्रमोट नहीं हो पा रहे हैं। वहीं बीएड फाइनल ईयर का रिजल्ट न आने के कारण प्रवेश परीक्षा के दो महीने बाद भी एमएड में प्रवेश नहीं हो पा रहा है। दोनों कोर्सों में प्रवेश की समस्या विवि प्रशासन की लापरवाही की वजह से है और परेशानी छात्रों को झेलनी पड़ रही है।
विवि में बीएड की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम से हो रही है। प्रवेश के समय विद्यार्थियों से वार्षिक मोड पर लगभग 16 हजार रुपये शुल्क जमा कराया गया। जबकि दोनों सेमेस्टर मिलाकर शुल्क लगभग 22 हजार रुपये होता है। विद्यार्थियों ने पहले-दूसरे सेमेस्टर में तो पढ़ाई पूरी कर ली, लेकिन अब उन्हें तीसरे सेमेस्टर में प्रमोट नहीं किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विद्यार्थियों ने पूरा शुल्क नहीं जमा किया। अब वे फीस का डिफरेंस जमा करने के लिए बीएड विभाग, वित्त अधिकारी व प्रवेश समन्वयक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इतना ही नहीं, इस साल जब महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने बीएड प्रवेश परीक्षा कराई, तब भी विवि की ओर से उन्हें वार्षिक मोड पर ही शुल्क 16 हजार रुपये बताया गया। इस बार भी विद्यार्थियों से आधी-अधूरी फीस ही जमा करवाई गई। दूसरी तरफ विवि में अभी भी कई सहयुक्त कॉलेजों के बीएड अंतिम वर्ष के परिणाम नहीं जारी किए गए। इससे अब तक विवि प्रशासन नए सत्र 2019-20 में एमएड की 575 सीटों पर प्रवेश नहीं ले सका है।
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विवि प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को तीन बार बीएड की मार्क्सशीट अपलोड करने का अवसर दिया गया। मगर अभी भी लगभग 50 विद्यार्थियों ने मार्क्सशीट अपलोड नहीं की है। इसकी वजह से विवि प्रशासन एमएड प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं कर पा रहा है। इस मामले में भी विवि के विभागों के आपसी समन्वय की कमी दिख रही है। विद्यार्थियों को परीक्षा विभाग व प्रवेश समन्वयक कार्यालय दौड़ा रहे हैं।
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ऑनलाइन प्रवेश लेकिन ऑनलाइन रिड्रेसल नहीं
विवि प्रशासन अधिकतर कोर्सों में ऑनलाइन प्रवेश की व्यवस्था देकर अपनी पीठ थपथपाता है, लेकिन यहां अभी तक विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन रिड्रेसल की कोई व्यवस्था नहीं दी गई है। अब विद्यार्थी कभी फीस संबंधी समस्या, कभी साइट न चलने की समस्या लेकर प्रवेश समन्वयक कार्यालय, डीन ऑफिस व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटते रहते हैं।
व्यवस्था की जा रही है
बीएड विद्यार्थियों के शुल्क का डिफरेंस जमा करने की व्यवस्था की जा रही है। वित्त विभाग से फीस की जानकारी मांगी गई है। एमएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम विद्यार्थियों की बीएड की मार्क्सशीट अपलोड करने के बाद जारी कर दिया जाएगा।
- प्रो. अनिल मिश्रा, प्रवेश समन्वयक, लविवि