ड्रोन के सहारे अपराधियों का सामना करेगी पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईटेक हो रहे अपराधियों और दिनों-दिन बढ़ रही कानून-व्यवस्था की चुनौती से निपटने के लिए यूपी पुलिस अब ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेगी। ड्रोन कैमरों की मदद से जिलों की सीमाओं पर तस्करी व अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
इन कैमरों को हाईवे पेट्रोलिंग से भी जोड़ने का विचार है। इसके लिए संवेदनशील जिलों के साथ ही सभी जिलों को ड्रोन कैमरा देने के लिए खरीद की तैयारी शुरू हो गई है।
बीते दिनों सूबे की कानून-व्यवस्था और अपराध की स्थिति की समीक्षा के दौरान जब डीजीपी ने सभी जोन के आईजी को बुलाकर बैठक कर चर्चा की तब अधिकारियों ने सभी जिलों में ड्रोन कैमरे होने की बात रखी थी।
इसके बाद ही यह तय हो गया था कि सभी जिलों में पुलिस के पास अपने ड्रोन कैमरे होंगे। इन कैमरों को ऑपरेट करने के लिए कुछ पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। यह भी तय हुआ कि समय-समय पर ड्रोन कैमरों के रख-रखाव व कर्मियों को लगातार इसके प्रयोग के लिए ट्रेंड रखने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी की मदद ली जाए।
इस तरह इस्तेमाल होंगे ड्रोन कैमरे
डीजीपी अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मातहत अधिकारियों को सभी जिलों के लिए ड्रोन कैमरे देने और इन कैमरों की खरीद में आने वाले व्यय का प्रस्ताव बनाने को कहा है।
इलाहाबाद स्थित पुलिस मुख्यालय इनकी खरीद करेगा, जबकि तकनीकी सेवा विभाग इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण मुहैया कराएगी।
डीजीपी ने कहा कि इन कैमरों का प्रयोग दूसरे चरण में हाईवे पेट्रोलिंग व ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए भी किया जाएगा। इनको महानगरों व जिलों के पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा।
इसके बाद इसे लखनऊ में बनने वाले मास्टर कंट्रोल रूम से भी जोड़ने पर मंथन चल रहा है। इसको किस तरह किया जाए, यह पुलिस तकनीकी सेवा विभाग तय करेगा।
इस पर पुलिस महानिदेशक एके गुप्ता का कहना है कि पहले संवेदनशील जिलों को कानून-व्यवस्था के मद्देनजर ड्रोन कैमरे देने का प्रस्ताव बना था। अब सभी जिलों को ड्रोन कैमरे दिए जा रहे हैं।