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26 साल से ड्राफ्टमैन कर रहा जेई का काम, सचिव ने मांगी रिपोर्ट
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एलडीए में करीब 26 साल से ड्राफ्टमैन राजेश श्रीवास्तव अवर अभियंता (जेई) के काम की जिम्मेदारी संभाल रहा है। सचिव पवन गंगवार ने अब इस प्रकरण में मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह से रिपोर्ट मांगी है।
अधिकारियों को मिली शिकायत के मुताबिक जेई के रूप में ड्राफ्टमैन से काम कराया जा रहा है। आरोप है कि जिम्मेदारों को इस बात की पूरी जानकारी होने के बावजूद राजेश को गोमतीनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके की जिम्मेदारी सौंपी गई। मेजरमेंट बुक (एमबी) तक पर सूचनाएं उसके द्वारा अंकित की जाती हैं। इसी एमबी के आधार पर ठेकेदार फर्मों को भुगतान किया जाता है। विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष रविशंकर राय और महासचिव जितेंद्र कुमार ने एलडीए वीसी से जेई का काम लिए जाने को नियम विरुद्ध बताया है। संघ ने वीसी से ड्राफ्टमैन का ही काम लिए जाने के लिए निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए जाने की मांग की है।
1995 में किया वीसी ने आदेश
राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि उसकी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा सिविल है। योग्यता के आधार पर पूर्व के शासनादेश के आधार पर 1995 में तत्कालीन वीसी के अनुमोदन पर उस समय तैनात रहे मुख्य अभियंता ललित मेहरोत्रा ने उससे जेई के रूप में सेवाएं लेने का आदेश किया था। उसी के आधार पर एलडीए से कार्यों की जिम्मेदारी मिली।
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अधिकारियों को मिली शिकायत के मुताबिक जेई के रूप में ड्राफ्टमैन से काम कराया जा रहा है। आरोप है कि जिम्मेदारों को इस बात की पूरी जानकारी होने के बावजूद राजेश को गोमतीनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके की जिम्मेदारी सौंपी गई। मेजरमेंट बुक (एमबी) तक पर सूचनाएं उसके द्वारा अंकित की जाती हैं। इसी एमबी के आधार पर ठेकेदार फर्मों को भुगतान किया जाता है। विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष रविशंकर राय और महासचिव जितेंद्र कुमार ने एलडीए वीसी से जेई का काम लिए जाने को नियम विरुद्ध बताया है। संघ ने वीसी से ड्राफ्टमैन का ही काम लिए जाने के लिए निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए जाने की मांग की है।
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1995 में किया वीसी ने आदेश
राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि उसकी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा सिविल है। योग्यता के आधार पर पूर्व के शासनादेश के आधार पर 1995 में तत्कालीन वीसी के अनुमोदन पर उस समय तैनात रहे मुख्य अभियंता ललित मेहरोत्रा ने उससे जेई के रूप में सेवाएं लेने का आदेश किया था। उसी के आधार पर एलडीए से कार्यों की जिम्मेदारी मिली।
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