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रायबरेली : लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व विधायक मोहम्मद मुस्लिम का निधन
Thu, 29 Aug 2019 02:56 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 29 Aug 2019 02:56 PM IST
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पूर्व विधायक मोहम्मद मुस्लिम
- फोटो : amar ujala
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पूर्व विधायक मोहम्मद मुस्लिम का गुरुवार को निधन हो गया। बताया गया कि हृदय की बीमारी के चलते उनका निधन हुआ। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वे रायबरेली के तिलोई विधान सभा से एक बार कांग्रेस व एक बार बीएसपी से रह चुके थे। उनकी मृत्यु से परिजनों और समर्थकों में शोक है।
इसके पहले चुनाव के एन वक्त राहुल गांधी की पारंपरिक सीट अमेठी में कांग्रेस को झटका देते हुए डॉ. मोहम्मद मुस्लिम ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। अमेठी में मोहम्मद मुस्लिम को बड़ा मुस्लिम चेहरा माना जाता था। वो कांग्रेस व सपा के टिकट पर भी विधायक रह चुके थे। पिछले विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस छोड़कर बीएसपी में शामिल हो गए थे।
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इसके पहले चुनाव के एन वक्त राहुल गांधी की पारंपरिक सीट अमेठी में कांग्रेस को झटका देते हुए डॉ. मोहम्मद मुस्लिम ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। अमेठी में मोहम्मद मुस्लिम को बड़ा मुस्लिम चेहरा माना जाता था। वो कांग्रेस व सपा के टिकट पर भी विधायक रह चुके थे। पिछले विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस छोड़कर बीएसपी में शामिल हो गए थे।
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रायबरेली जिले से ताल्लुकात रखने वाले डॉ मुस्लिम अमेठी जिले की तिलोई से सियासत करते थे। इस सीट से वो 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से विधायक चुने गए थे। उससे पहले 1996 में वो सपा के टिकट पर जीते थे। विधानसभा चुनाव 2017 से ऐन पहले डॉ मुस्लिम कांग्रेस छोड़कर बसपा के साथ चले गए थे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उनके बेटे को विधानसभा का टिकट दिया था, जो बीजेपी के प्रत्याशी से हार गए थे।
2017 के पहले उनको अमेठी में कांग्रेस के मुस्लिम प्रतिनिधि के तौर पर जाना जाता रहा है। कांग्रेस छोड़ते ही उनका राहुल गांधी से ऐसा मोह भंग हुआ कि सार्वजनिक मंच से स्मृति ईरानी की तारीफ और गांधी परिवार की बुराई को उन्होंने इस तरह से जनता के सामने रखा कि राहुल को अंततः हार का सामना करना पड़ गया।
2017 के पहले उनको अमेठी में कांग्रेस के मुस्लिम प्रतिनिधि के तौर पर जाना जाता रहा है। कांग्रेस छोड़ते ही उनका राहुल गांधी से ऐसा मोह भंग हुआ कि सार्वजनिक मंच से स्मृति ईरानी की तारीफ और गांधी परिवार की बुराई को उन्होंने इस तरह से जनता के सामने रखा कि राहुल को अंततः हार का सामना करना पड़ गया।