{"_id":"62bf5ab86c67cd3f5617afe2","slug":"dm-raided-in-blood-bank-lucknow-news-lko6377416146","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने निजी ब्लड बैंक पर मारा छापा, कई खामियां मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने निजी ब्लड बैंक पर मारा छापा, कई खामियां मिली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैसरबाग स्थित वजीर हसन रोड पर स्वास्तिक चैरीटेबल ब्लड बैंक पर शुक्रवार दोपहर डीएम ने एफएसडीए व स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापा मारा। इस दौरान ब्लड बैंक में कई अनियमितताएं मिलीं। इसपर डीएम ने सख्त नाराजगी जाहिर की। एफएसडीए ब्लड बैंक को नोटिस जारी करने संग लाइसेंस निरस्त किए जाने की संस्तुति भी करेगा।
राजधानी के दो ब्लड बैंक में खून का काला कारोबार सामने आने के बाद शुक्रवार को डीएम सूर्यपाल गंगवार ने ब्लड बैंक पर छापा मारा था। इस दौरान ब्लड बैंक के मेडिकल ऑफिसर गायब थे। डॉक्टर एक घंटे बाद मौके पर आए। ड्रग व स्वास्थ्य विभाग की टीम को निरीक्षण के दौरान भारी कमियां और अनियमितताएं मिली हैं। डीएम ने ब्लड बैंक में डोनर फॉर्म पर लिखे मोबाइल नंबर पर पर कॉल कराया। इसमें आठ डोनर फॉर्म पर गलत नंबर मिले। ब्लड बैंक में मेडिकल ऑफिसर, टेक्निकल सुपरवाइजर, टेक्नीशियन और नर्स को नियुक्त करने की सूचना तक ड्रग विभाग को नहीं भेजी गई थी। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. मनोज, डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह, सहायक आयुक्त औषधि लखनऊ मंडल बृजेश कुमार समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
आठ ब्लड बैग गायब, डोनर फॉर्म भी अधूरा
डीएम ने जांच के दौरान पाया कि ब्लड बैंक में पॉलीमेट कंपनी के खाली ब्लड बैग उपयोग किए जाते हैं। सत्यापन के दौरान पाया गया कि रजिस्टर पर 80 ब्लड बैंक के स्टॉक के सापेक्ष खाली ब्लड बैग 72 ही मिले। ब्लड बैंक की एसओएपी ब्लड बैंक के अंदर कही भी प्रदर्शित नहीं पाई गई। साथ ही एक्सपायर्ड ब्लड का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं पाया गया। इतना ही नहीं टीम ने ब्लड बैंक में भरे हुए डोनर फॉर्म की जांच में पाया कि डोनर फॉर्म भरते समय डोनर के नाम सहित पूर्ण विवरण में भारी अनियमितता है। इसे लेकर डीएम ने डॉक्टर व स्टाफ को जमकर फटकार लगाई।
विज्ञापन
ब्लड की एक्सपायरी के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू हो
डीएम ने अफसरों को निर्देश दिए कि रक्त की एक्सपायरी के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाए, जिससे उसकी उपलब्धता व एक्सपायरी को अपडेट किया जा सके। इसकी मदद से इसके स्टॉक को गूगल शीट के माध्यम से देखा जा सकेगा और जो रक्त उपलब्ध है उसकी जांच भी कराई जा सकेगी।
विज्ञापन
राजधानी के दो ब्लड बैंक में खून का काला कारोबार सामने आने के बाद शुक्रवार को डीएम सूर्यपाल गंगवार ने ब्लड बैंक पर छापा मारा था। इस दौरान ब्लड बैंक के मेडिकल ऑफिसर गायब थे। डॉक्टर एक घंटे बाद मौके पर आए। ड्रग व स्वास्थ्य विभाग की टीम को निरीक्षण के दौरान भारी कमियां और अनियमितताएं मिली हैं। डीएम ने ब्लड बैंक में डोनर फॉर्म पर लिखे मोबाइल नंबर पर पर कॉल कराया। इसमें आठ डोनर फॉर्म पर गलत नंबर मिले। ब्लड बैंक में मेडिकल ऑफिसर, टेक्निकल सुपरवाइजर, टेक्नीशियन और नर्स को नियुक्त करने की सूचना तक ड्रग विभाग को नहीं भेजी गई थी। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. मनोज, डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह, सहायक आयुक्त औषधि लखनऊ मंडल बृजेश कुमार समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन
आठ ब्लड बैग गायब, डोनर फॉर्म भी अधूरा
डीएम ने जांच के दौरान पाया कि ब्लड बैंक में पॉलीमेट कंपनी के खाली ब्लड बैग उपयोग किए जाते हैं। सत्यापन के दौरान पाया गया कि रजिस्टर पर 80 ब्लड बैंक के स्टॉक के सापेक्ष खाली ब्लड बैग 72 ही मिले। ब्लड बैंक की एसओएपी ब्लड बैंक के अंदर कही भी प्रदर्शित नहीं पाई गई। साथ ही एक्सपायर्ड ब्लड का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं पाया गया। इतना ही नहीं टीम ने ब्लड बैंक में भरे हुए डोनर फॉर्म की जांच में पाया कि डोनर फॉर्म भरते समय डोनर के नाम सहित पूर्ण विवरण में भारी अनियमितता है। इसे लेकर डीएम ने डॉक्टर व स्टाफ को जमकर फटकार लगाई।
विज्ञापन
ब्लड की एक्सपायरी के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू हो
डीएम ने अफसरों को निर्देश दिए कि रक्त की एक्सपायरी के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाए, जिससे उसकी उपलब्धता व एक्सपायरी को अपडेट किया जा सके। इसकी मदद से इसके स्टॉक को गूगल शीट के माध्यम से देखा जा सकेगा और जो रक्त उपलब्ध है उसकी जांच भी कराई जा सकेगी।