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रायबरेली जिला कारागार में उजागर हुई भारी चूक, डीएम व एसपी ने फोर्स संग मारा छापा

Wed, 19 Jun 2019 11:52 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला रायबरेली Published by: Amulya Rastogi Updated Wed, 19 Jun 2019 11:52 PM IST
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dm raebareli with sp and police force raid district jail
जिला कारागार रायबरेली - फोटो : amar ujala
जिला कारागार की सुरक्षा में भारी चूक उजागर हुई है। एक बंदी ने तीन बंदियों से पहले उठक-बैठक करवाई, एक-दूसरे को थप्पड़ मरवाया और फिर उसका वीडियो वायरल कर दिया। जेल के अंदर से वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम नेहा शर्मा और एसपी सुनील कुमार सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ जेल में छापा मारा। 
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छापे के दौरान गांजा, मोबाइल, सिम समेत अन्य सामग्री मिली। इससे जाहिर है कि जेल के अंदर न सिर्फ बंदियों को गांजा पिलाया जा रहा था, बल्कि वह मोबाइल फोन का भी प्रयोग कर रहे थे। जांच में पाया गया है कि एक शातिर बंदी ही गांव के ही एक मामले में बंद चल रहे बंदियों को प्रताड़ित कर रहा था। डीएम ने उठाबैठक और थप्पड़ मरवाने वाले शातिर बंदी के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए हैं।
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एक वीडियो बुधवार को वायरल हुआ। जिसमें जिला कारागार में तीन बंदियों को पहले उठक बैठक करवाई गई और फिर उसके बाद एक-दूसरे को थप्पड़ मरवाया गए। वीडियो वायरल होने के बाद दोपहर बाद डीएम नेहा शर्मा, एसपी सुनील कुमार सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ जेल में छापा मारा। 
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डेढ़ घंटे तक हर बैरक की सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान 200 ग्राम गांजा, दो मोबाइल, दो सिम, चार्जर मिले। इस पर डीएम-एसपी ने नाराजगी जताई। गांजा और मोबाइल मिलने से जाहिर है कि किस तरह जेल में बंदी ऐश-ओ-आराम कर रहे हैं। साथ ही दबंगई कायम कर रहे हैं। डीएम ने बंदियों से उठकबैठक करवाने और थप्पड़ मरवाने वाले शातिर बंदी आकाश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

प्रधान को खुश करने के लिए किया ऐसा

बताया जा रहा है कि जेल में बंद बंदी आकाश यादव शातिर भदोखर थाना क्षेत्र के भुएमऊ गांव का रहने वाला है। इसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। एक मारपीट के मामले में गांव के ही तीन बंदी जेल में निरुद्ध हैं। 

इन तीन बंदियों ने एक ग्राम प्रधान के साथ मारपीट की थी। प्रधान को खुश करने के लिए बंदी आकाश जेल में इन तीन बंदियों को उत्पीड़न कर रहा था। उनसे उठक बैठक लगवाया था। एक दूसरे से थप्पड़ मरवाता था। कहा जा रहा है कि आकाश ने प्रताड़ित करने वाला वीडियो प्रधान को भेजा था, ताकि वह उस पर खुश हो सके। 

मोबाइल नंबर किसका है, हो रही है जांच
जिलाधिकारी नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सर्विलांस के जरिए पता लगवाया जाएगा कि जेल के अंदर से बरामद मोबाइल और सिम किसके हैं और इन नंबरों से कौन बात कर रहा था। इसकी जांच शुरू हो गई है। जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आखिर इस लापरवाही के पीछे किसका हाथ..

जेल के अंदर भारी चूक उजागर होने के बाद एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चहारदीवारी के अंदर गांजा के साथ ही मोबाइल का प्रयोग हो रहा था। सवाल उठ रहा है कि आखिर यह सब कौन करवा रहा था। जाहिर सी बात है कि बिना जेल अफसरों व जेल कर्मियों की मिलीभगत से गांजा और मोबाइल अंदर नहीं जा सकता। 

कहा जा रहा है कि एक डिप्टी जेलर और कुछ सिपाहियों की मिलीभगत से यह कार्य किया जा रहा था। मीडिया से बातचीत में डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि डिप्टी जेलर समेत अन्य जेल अफसरों इस बारे में न सिर्फ पूछताछ की जाएगी, बल्कि इसकी जांच कराई जाएगी। 

बंदियों के उठकबैठक और थप्पड़ मरवाने के मामले का वीडियो वायरल होने के बाद जेल में छापा मारकर तलाशी ली गई। गांजा, मोबाइल, सिम और चार्जर मिले हैं। जांच में पाया गया कि जेल में बंद आकाश यादव ने तीन बंदियों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उठकबैठक कराई और फिर वीडियो वायरल कर दिया।

आकाश यादव के खिलाफ जेलर ज्ञान प्रकाश को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। गांजा, मोबाइल कैसे जेल के अंदर पहुंचा, इसकी जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
-नेहा शर्मा, डीएम

वीडियो वायरल होने के बाद जेल की तलाशी ली गई। इस दौरान गांजा, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। उठकबैठक और थप्पड़ मरवाने वाले बंदी आकाश यादव के खिलाफ जेलर ने सदर कोतवाली में तहरीर दी है। एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
-सुनील कुमार सिंह, एसपी

बंदियों के उठकबैठक और थप्पड़ मरवाने के मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई के लिए लिखा पढ़ी की जाएगी। वैसे जेल की सुरक्षा को लेकर चौकसी बरती जाती है। गेट पर तलाशी लेने के बाद ही जेल के अंदर लोगों को आने जाने दिया जाता है।
-ज्ञान प्रकाश, जेलर
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