फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   dl agency issue

Lucknow News: दागी कर्मियों की डीएल एजेंसियों ने कर ली भर्ती, अब हो रहीं एफआईआर

Sun, 05 Jul 2026 06:02 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 06:02 PM IST
विज्ञापन
dl agency issue
दागी कर्मियों की डीएल एजेंसियों ने कर ली भर्ती, अब हो रहीं एफआईआर

विज्ञापन
-सिल्वर टच एजेंसी का मामला
-परिवहन मंत्री तक पहुंची शिकायत, एजेंसी से होगी पूछताछ

लखनऊ। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली निजी एजेंसियों की मनमानी व लापरवाही आवेदकों पर भारी पड़ रही है। कर्मचारी खुलेआम वसूली कर रहे हैं। उनके खिलाफ एफआईआर हो रही हैं। लेकिन एजेंसी चुप्पी साधे है। हद तो यह है कि एफआईआर के बाद भी कर्मचारी ड्यूटी कर रहा है। फिलहाल मामला परिवहन मंत्री तक पहुंच चुका है, जिसके बाद एजेंसी से पूछताछ की उम्मीद जताई जा रही है।
मामला सिल्वर टच एजेंसी का है। परिवहन विभाग में डीएल बनाने की जिम्मेदारी तीन एजेंसियों सिल्वर टच, फोकाम व रोजमार्टा एजेंसियों के पास है। इसमें सिल्वर टच के पास पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले हैं। सिल्वर टच की ओर से संभल एआरटीओ में प्राइवेटकर्मी अंकित चाैधरी की भर्ती की गई। पिछले हफ्ते अंकित चाैधरी के खिलाफ एक डीएल आवेदक ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। संभल एआरटीओ के अधिकारियों ने बताया कि संभल में डीएल पर आवेदक से 800 रुपये अतिरिक्त वसूलने के मामले में मियां सराय निवासी आदिल ने एफआईआर दर्ज कराई है। एआरटीओ में तैनात प्राइवेट कम्प्यूटर ऑपरेटर अंकित चाैधरी सहित बाबू विजय गुप्ता, दिनेश चाैधरी पर मुकदमा कराया गया है।
विज्ञापन


वसूली में जुटे एजेंसी प्रतिनिधि, नहीं ले रहे एक्शन
सूत्र बताते हैं कि सिल्वर टच एजेंसी के प्रमुख दुष्यंत सिंह सहित श्याम मोहन अग्निहोत्री व प्रेम प्रकाश सिंह की संलिप्तता भी सामने आ रही है। दरअसल, कर्मियों से भर्ती के नाम पर तीन से चार लाख रुपये वसूले गए हैं। कुल 75 कर्मियों की भर्ती की जानी थी, लेकिन वसूली के लिए 125 कर्मियों की भर्ती कर ली गई। इसके बाद छंटनी कर 25 को हटा दिया गया। ऐसे में दागी कर्मियों पर एक्शन लेने से एजेंसी प्रतिनिधि कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी दर्ज हो चुकी हैं एफआईआर
परिवहन विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अंकित चाैधरी दागी कर्मचारी है। बावजूद इसके सिल्वर टच की ओर से उसे भर्ती कर लिया गया। उस पर दो एफआईआर पहले से दर्ज हैं। इसमें एक वाहन चोरी, पंजीकरण व दूसरी धमकाने के आरोप में है। इस बाबत अंकित चाैधरी ने कहाकि उस पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। एआरटीओ में तैनात कुछ लोग उसे बाहर निकलवाना चाहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed