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लखनऊ के इन इलाकों के सैंपल हुए फेल, कहीं आप भी तो नहीं पी रहे ये पानी

Tue, 21 Jun 2016 01:47 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 21 Jun 2016 01:47 PM IST
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 dirty water supply in many areas of lucknow
डेमो

जल संस्थान शहरियों को दूषित पानी पिला रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और जल संस्थान की टीम ने 11 इलाकों से सैंपल लिया लेकिन टेस्ट में से एक भी सैंपल पास नहीं हुआ। 

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पानी में क्लोरीन का तो नामोनिशान ही नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग सूत्रों की मानें तो शहर के 75 फीसदी इलाकों में जल संस्थान दूषित जल की आपूर्ति कर रहा है। बहरहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जल संस्थान को क्लोरिनेशन कराने को कहा है। 
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सोमवार को जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह और संक्रामक रोग सेल के डॉ. देवाशीष गुप्ता की संयुक्त टीम किला चौराहा शारदानगर, शारदानगर बस स्टैंड, रजनीखंड शारदानगर, एमआईजी रजनीखंड, सेक्टर-एम एलडीए कॉलोनी, किला गांव मोहम्मदीनगर, खजाना मार्केट आशियाना, आशियाना एलडीए कॉलोनी, आजादनगर आलमबाग और चंदरनगर आलमबाग के अलग-अलग इलाकों से पानी का सैंपल लिया। 
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...तो जल संस्थान पानी में क्लोरीन डाल ही नहीं रहा लिए गए सभी सैंपल का ऑर्थो टॉल्विन (ओटी) टेस्ट कराया गया तो सभी नमूने फेल हो गए।  स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर बताते हैं कि एक दिन में पानी के ग्यारह सैंपल फेल होना बड़ी बात है। 

पानी में क्लोरीन की मात्रा का होना जरूरी है। इसके नियम और निर्देश के बाद भी जल संस्थान पानी में क्लोरीन नहीं डाल रहा है। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि इन इलाकों के पानी की जांच दोबारा कराई जाएगी। अगर सैंपल दोबारा फेल हुआ तो मामले की जानकारी शासन को दी जाएगी।

जल संस्थान पानी में क्लोरीन की मात्रा को जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग पर निर्भर रहता है। जल संस्थान के अधिकारी नियमित पानी का परीक्षण करें और लैब टेस्ट कराएं तो दूषित होने का पता चल सकता है। 

गंदा पानी पीने से लोग हो रहे हैं बीमार

 dirty water supply in many areas of lucknow
गंदा पानी - फोटो : demo pic

सूत्रों के मुताबिक क्लोरीन की मात्रा चेक कर खानापूर्ति की जा रही है जबकि कई इलाकों का पानी खारा होने के साथ हल्का पीला और काले रंग का भी है। इन दस इलाकों को छोड़कर पिछले एक महीने में स्वास्थ्य विभाग और जल संस्थान में कुल 500 इलाकों में पानी की जांच कराई थी।

जिसमें 200 इलाकों से लिए गए नमूने फेल हो गए थे। स्वास्थ्य महकमे ने इन सभी इलाकों में क्लोरिनेशन के निर्देश दिए थे लेकिन 20 फीसदी इलाकों से अधिक की जलापूर्ति में क्लोरिनेशन नहीं किया गया।

जांच के दौरान ज्यादातर जगहों पर पानी की पाइप नाले से होकर गुजर रही है। कई जगह पाइप में लीकेज है ।  स्थानीय लोगों ने टीम से शिकायत की कि इसके लिए कई बार जल संस्थान और नगर निगम को पत्र लिखा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

स्वास्थ्य विभाग के अफसर बताते हैं कि गंदा और बिना क्लोरीन के सप्लाई किया जा रहा पानी लोगों को संक्रामक रोगों की चपेट में ला रहा है। आशियाना इलाके के लोकबंधु अस्पताल में रोजाना 500 से 800 मरीज संक्रामक रोग, पेट दर्द, बुखार और अन्य समस्याओं की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। 

गंदे पानी की आपूर्ति और संक्रामक रोग की समस्या किसी भी क्षेत्र में है तो संबंधित इलाके के लोग सीएमओ कंट्रोल रूम के नंबर 0522-2622080 पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पानी की जांच कराने के साथ बीमार लोगों को मुफ्त में दवा वितरित करेगी।

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