अखिलेश गए फ्रांस में तो उनकी सांसद बीवी पहुंच गईं नीदरलैंड
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यूपी के सीएम इन दिनों फ्रांस के दौरे पर हैं। वह लखनऊ से 21 मई को रवाना हुए थे और 26 मई को वह स्वेदश वापस आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में छह सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल फ्रांस के लिए रवाना हुआ था।
राज्य सरकार की ओर से कन्नौज और ग्रासे के बीच संबंध स्थापित करने की पहल की जा रही ताकि यहां भी इत्र को बड़े उद्योग के रूप में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री का फ्रांस दौरा इसी मकसद से है।
राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश में इत्र उद्योग को एक प्रमुख उद्योग के रूप में स्थापित करने में फ्र ांस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री के साथ जा रहे अधिकारी इसके लिए परस्पर तकनीकी सहयोग की संभावनाएं भी तलाशेंगे।
सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक इस दौरे में इत्र निर्माण की नई तकनीकों का भी पता लगाया जाएगा ताकि कन्नौज के इत्र उद्योग को लाभकारी बनाया जा सके। इससे किसान फूलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस उद्योग के प्रसार से रोजगार की नई संभावनाएं बनेंगी। दुनिया के इत्र कारोबार में उत्तर प्रदेश एक प्रमुख केंद्र के तौर पर उभर सकेगा।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रासे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में कन्नौज की सांसद डिंपल यादव, यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक मनोज सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव जीएस नवीनकुमार, मुशीद अहमद खान तथा पुष्प राज जैन शामिल हैं।
अब डिंपल यादव पहुंची नीदरलैंड
फ्रांस का दौरा के बीच में ही डिंलप यादव नीदरलैंड पहुंच गई हैं। शुक्रवार को नीदरलैंड में प्रोग्रेसिव अलाएंस के मंच पर आधी आबादी के हक की आवाज को बुलंद किया। उन्होंने कहा, संसार की आधी आबादी महिलाओं की है।
उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। किसी भी समाज व राष्ट्र की तरक्की के लिए महिलाओं का सशक्त और खुशहाल होना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार महिलाओं के उत्थान एवं कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है।
डिम्पल नीदरलैंड के रॉटर्डम में आयोजित सम्मेलन में बोल रही थीं।डिम्पल ने कहा, तमाम क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर महिलाओं ने साबित कर दिया है कि वे किसी से कम नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें प्रतिभा को निखारने के लिए समुचित अवसर एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाए।
भारत में भी महिलाएं जागरूक हो रही हैं। नारी के संदर्भ में समाज में दोहरे मापदंड हैं, जिन्हें खत्म करना होगा। कन्नौज की सांसद ने कहा कि महिला एवं बालिकाओं के प्रति उत्पीड़न व हिंसा की घटनाओं की रोकथाम और उनका सर्वांगीण विकास तभी सुनिश्चित किया जा सकता है, जब समाज में व्यापक जागरूकता हो।
खास तौर से स्त्री समाज में। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। उन्हें शिक्षा से लैस करना होगा। महिला सशक्तीकरण के लिए उनकी हिस्सेदारी हर स्तर पर सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने कहा, प्रशासन, शिक्षा, राजनीति, व्यापार और उद्योग सहित तमाम क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज कराई है।