लेखपाल भर्ती: इन मुद्दों पर कश्मकश में हैं अफसर
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लेखपाल भर्ती के लिए जारी होने वाले विज्ञापन को लेकर कलेक्टर खासे कन्फ्यूजन में हैं। मसलन, परीक्षा वाह्य एजेंसी कराएगी तो उसमें उनकी क्या भूमिका होगी? रिक्तियों का निर्धारण कैसे करें और आरक्षण कैसे तय किया जाए? आयु सीमा में छूट को लेकर भी सवाल हुए।
राजस्व परिषद के चेयरमैन अनिल कुमार गुप्त शुक्रवार को योजना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों से मुखातिब थे। जिलाधिकारियों ने भर्ती से जुड़े कई कन्फ्यूजन सामने रखे।
मसलन, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति में अपर जिलाधिकारी स्तर से नीचे का अधिकारी नहीं होना चाहिए। उसमें भी एक पिछड़ा व एक ओबीसी होना जरूरी है। यदि जिले में एडीएम इन जातियों से न हों तो क्या किया जाए?
इस पर बताया गया कि एडीएम वेतनमान के अधिकारी को शामिल किया जा सकता है।
15 से 22 जून तक निकालें विज्ञापन
गुप्त ने आरक्षण व रिक्तियों की गाइडलाइन बताने के साथ ही लेखपाल भर्ती का विज्ञापन 15 से 22 जून के बीच निकालने और समय से भर्ती की कार्यवाही पूरा करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारियों को लेखपाल के खाली पदों का ब्यौरा परिषद को भी भेजने को कहा गया। उन्हें यह भी बताया गया कि विज्ञापन में सामान्य श्रेणी के स्थान पर अनारक्षित शब्द का प्रयोग करेंगे। यह दिशा-निर्देश इसी सरकार ने पिछले साल सितंबर में जारी किया था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपर महाधिवक्ता राजबहादुर सिंह यादव ने जिलाधिकारियों से रेवेन्यू कोड बिल को लेकर सुझाव मांगे। बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा के लिए छोड़ी गई चरागाह की जमीन और असामी को लेकर राय मांगी गई है।