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खानपान में बदलाव से कम कर सकते हैं डायबिटीज का खतरा : डॉ. अजय
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। कोल्ड ड्रिंक, मिठाइयां, तले-भुने खाद्य पदार्थ डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकते हैं। खासकर पेट के आसपास चर्बी बढ़ने से शरीर में इंसुलिन का असर कम होने लगता है। इससे खून में शुगर का स्तर बढ़ सकता है। ये बातें सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय सिंह ने कहीं।
शनिवार को गोमतीनगर स्थित होटल में उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन के रजत जयंती समारोह का शुभारंभ हुआ। डॉ. अजय सिंह ने कहा कि खानपान में बदलाव, वजन पर काबू और नियमित शारीरिक गतिविधि से टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने के साथ बीमारी को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह पर समय पर जांच कराएं। इलाज के साथ नियमित पैदल चलें। इससे बीमारी में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष-इलेक्ट डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि लिवर में इंसुलिन रेजिस्टेंस खाली पेट शुगर बढ़ने का प्रमुख कारण हो सकता है। पुणे के डॉ. संजय अग्रवाल ने बुजुर्गों में मांसपेशियों के क्षय के खतरे पर चर्चा की। वजन घटाने के दौरान पर्याप्त प्रोटीन और व्यायाम से मांसपेशियों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
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सचिव डॉ. राकेश पारिख ने कहा कि तेजी से और पर्याप्त वजन घटने से कुछ मरीजों में शुगर बिना दवा के भी सामान्य रह सकती है, लेकिन इसे बीमारी का स्थायी अंत नहीं मानना चाहिए। समारोह में केजीएमयू फिजियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरसिंह वर्मा, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. शिवम वर्मा, डॉ. मिली सेंगर और डॉ. पूजा की लिखित पुस्तक लंग एंड डायबिटीज का विमोचन किया गया। डॉ. नरसिंह वर्मा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और 10 चिकित्सकों को मेडिकल केयर एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अजय तिवारी, डॉ. अनुज माहेश्वरी समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
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शनिवार को गोमतीनगर स्थित होटल में उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन के रजत जयंती समारोह का शुभारंभ हुआ। डॉ. अजय सिंह ने कहा कि खानपान में बदलाव, वजन पर काबू और नियमित शारीरिक गतिविधि से टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने के साथ बीमारी को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह पर समय पर जांच कराएं। इलाज के साथ नियमित पैदल चलें। इससे बीमारी में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष-इलेक्ट डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि लिवर में इंसुलिन रेजिस्टेंस खाली पेट शुगर बढ़ने का प्रमुख कारण हो सकता है। पुणे के डॉ. संजय अग्रवाल ने बुजुर्गों में मांसपेशियों के क्षय के खतरे पर चर्चा की। वजन घटाने के दौरान पर्याप्त प्रोटीन और व्यायाम से मांसपेशियों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
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सचिव डॉ. राकेश पारिख ने कहा कि तेजी से और पर्याप्त वजन घटने से कुछ मरीजों में शुगर बिना दवा के भी सामान्य रह सकती है, लेकिन इसे बीमारी का स्थायी अंत नहीं मानना चाहिए। समारोह में केजीएमयू फिजियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरसिंह वर्मा, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. शिवम वर्मा, डॉ. मिली सेंगर और डॉ. पूजा की लिखित पुस्तक लंग एंड डायबिटीज का विमोचन किया गया। डॉ. नरसिंह वर्मा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और 10 चिकित्सकों को मेडिकल केयर एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अजय तिवारी, डॉ. अनुज माहेश्वरी समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।