इन स्कूलों में नहीं होगा अब एग्जाम सेंटर
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यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए केंद्र निर्धारण नीति में बदलाव की तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस बार डिबार स्कूलों को केंद्र नहीं बनाने का प्रावधान किया है।
अधिक दूरी दिखाकर मनचाहे स्कूलों को केंद्र बनवाने के नाम पर होने वाले खेल के लिए प्रधानाचार्य व जिला विद्यालय निरीक्षक को दोषी माना जाएगा।
मंडलीय समिति से केंद्र निर्धारण को अंतिम रूप देने के बाद नया केंद्र नहीं बनेगा। विशेष परिस्थितियों में शासन स्तर से ही केंद्र बनाया जा सकेगा।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली से अनुमति मिलने के बाद नई केंद्र निर्धारण नीति जारी की जाएगी। बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में जमकर खेल होता है।
शिक्षा माफिया अधिकारियों से मिलकर मनमाने तरीके से केंद्रों का निर्धारण कराते हैं। डिबार यानी काली सूची में डाले गए स्कूलों को फिर से केंद्र बना दिया जाता है।
900 से अधिक स्कूल काली सूची में
पिछले साल परीक्षा में 900 से अधिक स्कूलों को काली सूची में डाला गया था। वहीं, केंद्र निर्धारण के नाम पर वित्तविहीन स्कूल अधिक दूरी का बहाना बनाकर मनचाहा केंद्र निर्धारित नहीं करा पाएंगे।
इन स्कूलों के लिए छात्र संख्या के आधार पर केंद्र तय होगा। मसलन ऊपर से नीचे तक आरोही क्रम में रखते हुए केंद्र बनाए जाएंगे। एक ही प्रबंधतंत्र के यदि कई स्कूल हैं तो उसी स्कूल के बच्चों को वहां के केंद्रों पर नहीं भेजा जाएगा।
सरकारी, सहायता प्राप्त व साफ सुथरे वित्तविहीन स्कूलों को अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र बनाने का प्रावधान नीति में किया गया है। विगत वर्ष परीक्षा के दौरान जिन स्कूलों की शिकायत नहीं मिली थी उसे अनिवार्य रूप परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
दो साल के अंदर मान्यता पाने वाले स्कूलों और मारपीट की शिकायत वाले स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। छात्राओं के लिए स्वकेंद्र की व्यवस्था रहेगी।