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साइबर अपराध की अब तुरंत दर्ज होगी एफआईआर, डीजीपी ने जारी किया सर्कुलर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 08 Oct 2018 06:12 PM IST
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ओपी सिंह, डीजीपी
- फोटो : ani
पुलिस विभाग अब साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करेगा और कोशिश भी करेगा कि पीड़ित की फ्राड या हैकिंग के जरिए गई रकम कम से कम समय में वापस मिल सके। इसके लिए डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को एक सर्कुलर भेजा है।
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डीजीपी की ओर से भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि साइबर अपराध के मामले में पीड़ित व्यक्ति के निवास स्थान के थाने में पीड़ित का शिकायती प्रार्थना पत्र स्वीकार किया जाएगा और प्रथम सूचना की रिपोर्ट लिखकर उसकी प्रति उपलब्ध कराएंगे।
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अभी तक पुलिस जिस क्षेत्र में एटीएम है वहां या जिस क्षेत्र में बैंक है, वहां पीड़ित को भेज देती थी। पत्र में कहा गया है कि क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड संबंधी डाटा व पिन नंबर के लीक होने के कारण हुए अपराध या ईमेल आईडी व पासवर्ड हैक से संबंधित हो तो पीड़ित की तकनीकी सहायता भी उपलब्ध करानी होगी।
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डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया है कि अगर साइबर सेल की जांच में पेमेंट गेटवे से बैंक में डाटा का लीक होना पाया जाता है तो बैंक व पेमेंट गेटवे को पैसा वापस करने के लिए ईमेल करना जरूरी होगा।
पीड़ित का क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड खोने की स्थिति में या फ्राड की स्थिति में साइबर सेल कार्ड को ब्लॉक कराने के लिए संबंधित बैंक को ईमेल करेगा।
ओपी सिंह की ओर से कहा गया है कि पीड़ित व्यक्ति द्वारा दी जाने वाली सूचना के घटना स्थल का संबंध उस थाने से न होने के बावजूद भी प्रथम सूचना अंकित करते हुए उसको रसीद दी जाएगी और सूचना साइबर सेल को देनी होगी।
डीजीपी ने यह भी कहा है कि जनपदीय अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक अपराध द्वारा साइबर सेल के कार्यों की मासिक समीक्षा कर ई मेल भेजने की कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी।