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अफसर को रिटायर करना ही भूल गए!
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रावस्ती
Updated Mon, 23 Feb 2015 12:23 PM IST
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सरकारी मशीनरी की कारस्तानी भी अजीबोगरीब है। एक ग्राम पंचायत अधिकारी को 31 दिसंबर को रिटायर होना था, लेकिन विभाग उन्हें रिटायर करना ही भूल गया। अफसर ने भी इसका फायदा उठाते हुए महीनेभर में लगभग दस लाख रुपये के चेक जारी कर डाले। विभाग की जब नींद खुली तो 31 जनवरी को अफसर को रिटायर किया गया।
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इस बीच एक माह के दौरान जारी चेकों की वैधानिकता पर सवाल उठने लगा है। विकास खंड गिलौला में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राना प्रताप सिंह का कार्यकाल गत 31 दिसंबर को ही समाप्त हो गया, लेकिन जिला पंचायत राज कार्यालय से उनको कोई नोटिस नहीं दिया गया।
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राना प्रताप ने भी मौके का फायदा उठाया और सातों गांवों में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग दस लाख रुपये के चेक जारी कर डाले। यह सिलसिला 31 दिसंबर से 31 जनवरी तक चलता रहा। गलती का अहसास होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने 31 जनवरी को राना प्रताप को सेवानिवृत्ति किया है।
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छह महीने पहले ही शुरू हो जाती है प्रक्रिया
नियमानुसार सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी को छह माह पूर्व पहला व कार्यकाल समाप्ति के पंद्रह दिन पूर्व अंतिम नोटिस जारी करना होता है।
डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि कार्यालय से चूक के कारण यह हुआ है। राना प्रताप ने इस एक माह के कार्यकाल के दौरान किन-किन गांव पंचायतों में कितने के जारी किए हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं डीएम निखिल चंद्र शुक्ला कहते हैं कि मामला गंभीर है। जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। इस दौरान दायित्व का निर्धारण कर संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि कार्यालय से चूक के कारण यह हुआ है। राना प्रताप ने इस एक माह के कार्यकाल के दौरान किन-किन गांव पंचायतों में कितने के जारी किए हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं डीएम निखिल चंद्र शुक्ला कहते हैं कि मामला गंभीर है। जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। इस दौरान दायित्व का निर्धारण कर संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।