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Lucknow News: नई महामारियों से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने पर मंथन
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सीडीआरआई में चल रही वैज्ञानिक गोष्ठी में मंच पर संस्थान की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन (दाएं) के सा
लखनऊ। नई महामारियों से बचाव के लिए वैक्सीन कैसे बनाई जाए और संक्रमण फैलाने वाले फंगस पर दवाओं का असर कम होने से कैसे निपटा जाए, इन सवालों पर राजधानी में तीन दिन देशभर के वैज्ञानिक मंथन करेंगे। बुधवार को केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआइ) में जैविक रसायन विज्ञानियों की संस्था सोसाइटी ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्स (इंडिया) की 95वीं वार्षिक बैठक शुरू हुई। तीन दिवसीय सम्मेलन में 56 से अधिक संस्थानों के 400 से ज्यादा वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल हो रहे हैं।
भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलूरू के प्रो. राघवन वरदराजन ने सांस से जुड़ी बीमारियां फैलाने वाले विषाणुओं के खिलाफ प्रभावी वैक्सीन बनाने पर व्याख्यान दिया। प्रो. संध्या एस. विश्वेश्वरैया ने आंतों में होने वाली जैविक प्रक्रियाओं पर जानकारी दी।
प्रो. कौस्तुभ सान्याल ने कैंडिडा ऑरिस नाम के फंगस पर दवाओं का असर कम होने की चुनौती बताई। सीडीआरआइ के पूर्व छात्र डॉ. संजय सिंह ने एमआरएनए वैक्सीन बनाने की तकनीक, उसकी सुरक्षा और मंजूरी की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने और प्रशिक्षित लोगों की जरूरत पर जोर दिया। सीडीआरआइ की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन ने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने में वैज्ञानिकों के आपसी सहयोग को अहम बताया।
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भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलूरू के प्रो. राघवन वरदराजन ने सांस से जुड़ी बीमारियां फैलाने वाले विषाणुओं के खिलाफ प्रभावी वैक्सीन बनाने पर व्याख्यान दिया। प्रो. संध्या एस. विश्वेश्वरैया ने आंतों में होने वाली जैविक प्रक्रियाओं पर जानकारी दी।
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प्रो. कौस्तुभ सान्याल ने कैंडिडा ऑरिस नाम के फंगस पर दवाओं का असर कम होने की चुनौती बताई। सीडीआरआइ के पूर्व छात्र डॉ. संजय सिंह ने एमआरएनए वैक्सीन बनाने की तकनीक, उसकी सुरक्षा और मंजूरी की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने और प्रशिक्षित लोगों की जरूरत पर जोर दिया। सीडीआरआइ की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन ने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने में वैज्ञानिकों के आपसी सहयोग को अहम बताया।
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