{"_id":"6922244c443d85fd860d2953","slug":"delay-in-increasing-cash-credit-limit-uco-bank-will-give-compensation-of-rs-2-lakh-lucknow-news-c-13-lko1070-1483049-2025-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: कैश क्रेडिट लिमिट बढ़ाने में देरी, यूको बैंक देगा दो लाख रुपये क्षतिपूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: कैश क्रेडिट लिमिट बढ़ाने में देरी, यूको बैंक देगा दो लाख रुपये क्षतिपूर्ति
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ। कैश क्रेडिट (सीसी) लिमिट बढ़ाने में देरी पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने यूको बैंक को क्षतिपूर्ति के रूप में दो लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। परिवादिनी को मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये और वाद में हुए व्यय के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त देने का भी आदेश दिया है। 30 दिन में इसका भुगतान नहीं होता है तो पूरी रकम पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
लाटूश रोड ओल्ड इलाके की स्वप्ना गर्ग ने 27 फरवरी 2024 को वाद दायर किया था। इसमें लखनऊ विवि में यूको बैंक की शाखा, गोमतीनगर स्थित बैंक के जोनल ऑफिस और कोलकाता स्थित लीगल डिपार्टमेंट को पार्टी बनाया गया था। स्वप्ना ने बताया कि वे एडीएजीई फर्म की प्रोपराइटर हैं और उन्होंने लविवि स्थित यूको बैंक की शाखा में कैश क्रेडिट लिमिट खाता खोला था।
बैंक ने जुलाई 2022 में 12 लाख रुपये की सीसी लिमिट दी थी। स्वप्ना ने इसे 25 लाख रुपये तक बढ़ाने का आवेदन एक अगस्त 2023 को किया, जिसका निस्तारण तीन हफ्ते में होना था। हालांकि, कई बार शिकायत के बावजूद लिमिट नहीं बढ़ाई गई। इस कारण उन्हें सामग्री आपूर्ति के 23 लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर निरस्त करने पड़े, जिससे भारी नुकसान हुआ। उन्होंने सेवा में कमी को आधार बताते हुए क्षतिपूर्ति के लिए 20 लाख रुपये मांगे।
विज्ञापन
स्वप्ना ने कहा कि बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि 15 सितंबर 2023 को उनकी सीसी लिमिट बढ़ा दी गई, लेकिन बढ़ी रकम उनके खाते में क्रेडिट नहीं हुई। आयोग के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी व सदस्य प्रतिभा सिंह ने 14 नवंबर को आदेश में कहा कि विपक्षीगणों को आदेशित किया जाता है कि वे एकल व संयुक्त रूप से फैसले की तिथि से 30 दिन में क्षतिपूर्ति करें।
विज्ञापन
लाटूश रोड ओल्ड इलाके की स्वप्ना गर्ग ने 27 फरवरी 2024 को वाद दायर किया था। इसमें लखनऊ विवि में यूको बैंक की शाखा, गोमतीनगर स्थित बैंक के जोनल ऑफिस और कोलकाता स्थित लीगल डिपार्टमेंट को पार्टी बनाया गया था। स्वप्ना ने बताया कि वे एडीएजीई फर्म की प्रोपराइटर हैं और उन्होंने लविवि स्थित यूको बैंक की शाखा में कैश क्रेडिट लिमिट खाता खोला था।
विज्ञापन
बैंक ने जुलाई 2022 में 12 लाख रुपये की सीसी लिमिट दी थी। स्वप्ना ने इसे 25 लाख रुपये तक बढ़ाने का आवेदन एक अगस्त 2023 को किया, जिसका निस्तारण तीन हफ्ते में होना था। हालांकि, कई बार शिकायत के बावजूद लिमिट नहीं बढ़ाई गई। इस कारण उन्हें सामग्री आपूर्ति के 23 लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर निरस्त करने पड़े, जिससे भारी नुकसान हुआ। उन्होंने सेवा में कमी को आधार बताते हुए क्षतिपूर्ति के लिए 20 लाख रुपये मांगे।
विज्ञापन
स्वप्ना ने कहा कि बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि 15 सितंबर 2023 को उनकी सीसी लिमिट बढ़ा दी गई, लेकिन बढ़ी रकम उनके खाते में क्रेडिट नहीं हुई। आयोग के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी व सदस्य प्रतिभा सिंह ने 14 नवंबर को आदेश में कहा कि विपक्षीगणों को आदेशित किया जाता है कि वे एकल व संयुक्त रूप से फैसले की तिथि से 30 दिन में क्षतिपूर्ति करें।