डिफेंस एक्सपो-2020 की तैयारियां जोरों पर, रक्षा मंत्री के साथ बैठक में शामिल हुए सीएम योगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से लखनऊ में 5 से 8 फरवरी तक 11वें डिफेंस एक्सपो-2020 का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रक्षा उत्पादों के सबसे बड़े इस मेले की तैयारियों की रूपरेखा तय की गई। एक्सपो की थीम ‘भारत-उभरता हुआ रक्षा विनिर्माण केंद्र’ होगी और सबसे ज्यादा फोकस रक्षा के डिजिटल रूपांतरण पर होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में प्रस्तावित डिफेंस एक्सपो अब तक का सबसे बेहतरीन एक्सपो होगा। उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को यूपी सरकार के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर समयबद्ध तैयारी करने के निर्देश दिए।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिफेंस एक्सपो के सफल आयोजन में प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि सितंबर के अंत तक रक्षा मंत्रालय को साइट उपलब्ध कराई जाएगी। डिफेंस कॉरिडोर में इच्छुक निवेशकों को साइट विजिट कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार डिफेंस एंड एयरोस्पेस पालिसी पिछले वर्ष ला चुकी है।
बैठक में रक्षा सचिव ने कहा कि इस मेले में दुनिया भर के अत्याधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें रक्षा उद्योगों के प्रतिनिधि, रक्षा सामग्री, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ घरेलू कंपनियां भी शामिल होगी। यह प्रदर्शनी रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए उत्तर प्रदेश को उभरते हुए आकर्षक स्थल के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि डिफेंस एक्सपो भारतीय रक्षा उद्योग के लिए अपनी क्षमता व निर्यात संभावना के प्रदर्शन का बेहतरीन मौका होगा।
प्रदेश में रक्षा उद्योग के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध
रक्षा सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा उद्योग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा उपलब्ध है। लखनऊ, कानपुर, कोरवा (अमेठी) और नैनी (प्रयागराज) में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स की चार इकाइयां हैं। नौ आयुध निर्माण इकाइयां और एक सार्वजनिक क्षेत्र का रक्षा उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स गाजियाबाद में है।
प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर में आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट, झांसी, लखनऊ और कानपुर शामिल हैं। सभी 6 नोड्स के लिए 5071.19 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जा रही है। झांसी में 92.48 प्रतिशत, चित्रकूट में 89.41 प्रतिशत, अलीगढ़ में 100 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो गया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी भी मौजूद थे।