Defence Expo 2020: भारतीय नौ सेना की नई ताकत एंटी सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम
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भारतीय नौ सेना की नई ताकत का नाम है एंटी सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम (एएसडब्ल्यू)। इससे छोड़ी मिसाइल समुद्र में छह किलोमीटर गहराई में छिपे दुश्मन को भी नेस्तानाबूत कर सकती है। इस आधुनिक तकनीक के युद्धक हथियार सिस्टम का प्रदर्शन डीआरडीओ के स्टाल पर देखने को एक्सपो में जुटे देश-विदेश के दर्शकों का विशेष रुझान दिखा। स्टाल पर मौजूद डीआरडीए के विशेषज्ञ इसकी विशेषता बताते नहीं थक रहे थे।
डीआरडीओ ने एंटी सेटेलाइट मिसाइल शक्ति को विकसित किया था। ऑपरेशन शक्ति के दौरान तैयार मिसाइल से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आईलैंड लॉन्च कॉम्पलेक्स से जमीन से 300 किमी. ऊपर एक सेटेलाइट को निशाना बनाया गया था। महज तीन मिनट में मिशन पूरा हो गया था। इस मिसाइल के निर्माण से भारत अंतरिक्ष में सेटेलाइट को निशाना बनाने वाला दुनिया का चौथा देश बना।
नौसेना के जंगी जहाजों पर लगाए जाने वाला एंटी सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम राकेट लॉन्चर करीब दस मीटर ऊंचा है। इसकी मारक क्षमता पानी के छह किलोमीटर नीचे तक है। इससे एक के बाद एक कई मिसाइल दुश्मनों पर छोड़ी जा सकती है। ब्रह्मोस का नाम सुनते ही दुश्मन के होश उड़ जाते हैं।
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का मॉडल भी
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का मॉडल भी डीआरडीए के पवेलियन में आकर्षण का केंद्र रहा। इस मिसाइल को पनडुब्बी, पानी के जहाज, फाइटर प्लेन या जमीन कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है। इसे डीआरडीओ व रूस ने संयुक्त तौर पर विकसित किया है। इस सुपरसोनिक मिसाइल की खासियत यह है कि रडार भी इसे नहीं पकड़ पाता। इसकी क्षमता 290 किलोमीटर तक किसी भी दिशा में मार करने की है। यह मिसाइल एक बार में अपने साथ 300 किलोग्राम तक विस्फोटक भी ले जा सकती है।