'पाकिस्तान ने मारा पेशावर हमले के मास्टरमाइंड को'
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‘पाकिस्तान में नवाज शरीफ हों या कोई और, सरकार वहां सेना की ही चलती है। इसलिए हमारी सरकार को उससे बातचीत नहीं करनी चाहिए, बल्कि भारतीय सेना को जवाब देने की छूट देनी चाहिए’। यह कहना है रक्षा मामलों के जानकार मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी का। बख्शी के साथ रक्षा विशेषज्ञ मारूफ रजा भी रविवार को राजधानी में थे।
मेजर जनरल बख्शी ने कहा कि पाकिस्तान में कोई लोकतांत्रिक सरकार है ही नहीं। वहां की सेना शिमला समझौता तक को नहीं मानती क्योंकि इसे भुट्टो ने साइन किया था। ऐसे देश से बातचीत का कोई मतलब नहीं है। पाकिस्तान की ओर से जब वहां की सेना बात करना चाहती है तो हमें भी अपनी सेना को ही बात करने देना चाहिए। उसे भारतीय सेना की ही भाषा समझ में आती है।
बख्शी का कहना था कि दक्षिण एशिया में भारत को कमजोर बनाए रखने के लिए चीन और पाकिस्तान मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें दोनों का फायदा है। भारत कमजोर होगा तो दक्षिण एशिया में पाकिस्तान का दबदबा बना रहेगा। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी सेना को मजबूत करने पर काम करें क्योंकि कमजोर को दबाया नहीं जा सकता।
पेशावर स्कूली हमले के मास्टर मांइड को पाकिस्तान ने मारा
पाक ने अफगानिस्तान में घुसकर फजलुल्लाह को मारा बख्शी ने दावा किया कि गत 16 दिसंबर को पेशावर स्कूली हमले का मास्टरमाइंड कहे जा रहे मौलाना फजलुल्लाह को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में घुसकर मार गिराया है।
इसमें पाकिस्तानी एयरफोर्स के एफ 16 और यूएएफ प्लेन का इस्तेमाल किया गया। पाकिस्तान इसे छिपा रहा है क्योंकि किसी देश की सीमा लांघकर कार्रवाई करना अंतरराष्ट्रीय कायदों के खिलाफ है। भारत को भी पाकिस्तान में ऐसे ही हमले करके हमें नुकसान पहुंचा रहे आतंकियों को जवाब देना चाहिए।
रक्षा विशेषज्ञ मारुफ रजा ने कहा कि पाकिस्तान कभी नहीं चाहता कि लाइन ऑफ कंट्रोल पर शांति हो। वह लगातार गोलीबारी करता रहता है। उसकी इस गोलीबारी का जवाब देने का भी कोई मतलब नहीं है क्योंकि इसमें मरते उसके आम जवान ही हैं। उनके कर्नल आराम से बैठे निर्देश देते रहते हैं। ऐसे में भारत को रणनीतिक रूप से काम करना होगा कि पाकिस्तानी सेना के इन कर्नलों का जीना मुश्किल हो जाए।