फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Death penalty to be given to alleged on deaths because of illigal wine.

यूपी मे अब अवैध शराब से हुई मौत पर आरोपी को मिलेगी सजा-ए-मौत

Tue, 19 Sep 2017 09:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 19 Sep 2017 09:14 PM IST
विज्ञापन
Death penalty to be given to alleged on deaths because of illigal wine.
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

यूपी में अवैध शराब के कारण मौत होने पर अब अभियुक्तों को सजाए मौत की भी सजा दी जा सकेगी। इसके लिए सरकार ने आबकारी एक्ट 1910 में संशोधन किया है। साथ ही एक्ट में एक नई धारा जोड़ी गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आबकारी एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दे दी गई।

विज्ञापन


आबकारी अधिनियम 1910 काफी पुराना होने के कारण इस लिए इसकी दो दर्जन से अधिक धाराओं में संशोधन किया गया है। आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि जिन धाराओं में संशोधन किया गया है उसमें अधिनियम की धारा 3, 50, 51, 52, 53, 54, 55, 60, 62, 63, 64, 64क, 65, 66, 67, 68, 69, 69क, 70, 71, 72, 73क, 74 एवं 74 क शामिल हैं। साथ ही एक नई धारा 60 क जोड़ी गई है।
विज्ञापन


इस नई धारा में अवैध शराब से मौत या स्थाई अपंगता होने पर आजीवन कारावास या 10 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों अथवा मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है।

अफसरों को मिलेगा कठोर दंड
अवैध शराब के कारोबार को शह देने वाले विभागीय अफसरों की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर उन्हें अब कठोर दंड का प्राविधान किया गया है। आबकारी कानून में कठोर दंड का प्राविधान होने से तलाशी आदि के मामले में जरा भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अफसरं के खिलाफ  निलंबन और बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकेगी। हालांकि गिरफ्तारी, निरुद्ध, बरामदगी, सर्च वारंट और जमानती व गैर जमानती धाराओं में संशोधन से अफसरों के अधिकारों में भी बढ़ोत्तरी की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ेगी एक्साईज ड्यूटी

Death penalty to be given to alleged on deaths because of illigal wine.

सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि फाइनेंस एक्ट 1994 (सर्विस टैक्स, जैसा 2016 में फाइनेंस एक्ट में संशोधन किया गया है) के लागू होने से प्रदेश आबकारी विभाग द्वारा आसवानी से लिए जा रहे प्रतिफल शुल्क की धनराशि पर टैकस की देयता 1 अप्रैल 2016 से लागू हो गई है। यह टैक्स 2300 करोड़ रुपये बन रहा है।

यह टैक्स अगर आसवानियों से लिया गया तो शराब और महंगी होगी और पड़ोसी राज्यों में शराब की कीमत कम होने के कारण अवैध तरीके से शराब की तस्करी बढ़ जाएगी। ऐसे में निर्णय लिया गया कि प्रतिफल शुल्क को एक्साइज ड्यूटी के रूप में लिया जाए। इसके लिए अधिनियम की धारा 30 में संशोधन किया गया है।

वहीं, कैबिनेट बैठक में सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान को भी योगी सरकार ने मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश के 12 लाख राज्यकर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed