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राजकीय संप्रेक्षण गृह में किशोर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:38 AM IST
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पारा के मोहान रोड स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में बाल अपचारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसकी तबीयत रविवार शाम से गड़बड़ थी।
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सोमवार दोपहर करीब एक बजे हालत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया। मौत के बाद अफसरों ने न तो निदेशालय को सूचना दी और न ही पुलिस और किशोर के परिवारीजनों को बताया।
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देर शाम मारपीट के दौरान किशोर की मौत की खबर फैली तो हड़कंप मच गया। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के निदेशक रामकेवल सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और बच्चों से पूछताछ की।
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किशोर की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
अधीक्षक उदय शंकर मालवीय ने बताया कि बाल अपचारी सीतापुर का रहने वाला था और एक अगस्त को ही हरदोई के संप्रेक्षण गृह से राजकीय संप्रेक्षण गृह आया था। वह बीमार चल रहा था।
रविवार शाम से उसके पेट में दर्द शुरू हो गया। उसने पेटदर्द की शिकायत की लेकिन स्टाफ ने अस्पताल ले जाने के बजाय मामूली दवाएं दे दीं। सोमवार सुबह भी वह दर्द से कराहता रहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
दोपहर करीब एक बजे खाना परोसा गया। किशोर ने खाना खाया जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। वह दर्द से तड़पने और चीखने लगा तब उसे ई-रिक्शा में लादकर बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मारपीट से मौत के मैसेज वायरल हुआ तो पहुंचे निदेशक
अस्पताल से किशोर का शव संप्रेक्षण गृह ले आया गया। अधिकारी किशोर की मौत का मामला दबाए बैठे रहे। शाम को पिटाई से बाल अपचारी की मौत की खबर फैल गई। सोशल मीडिया पर संप्रेक्षण गृह में बच्चों की आपस में लड़ाई में किशोर की मौत के मैसेज वायरल होने लगे। मामला अधिकारियों की जानकारी में आया तो निदेशक मौके पर पहुंच गए। दावा किया जा रहा है कि बच्चों से अलग-अलग बातचीत में मारपीट की पुष्टि नहीं हो सकी।