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यूपी: जुलाई से बहाल हो सकता है फ्रीज डीए, एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक का नहीं होगा भुगतान

Sun, 21 Feb 2021 11:59 AM IST
ishwar ashish महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 21 Feb 2021 11:59 AM IST
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dearness allowance will be resume from July 2021.

योगी सरकार प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों के फ्रीज महंगाई भत्ते को जुलाई-2021 से बहाल कर सकती है। वित्त वर्ष 2021-22 के यूपी के बजट में मूल वेतन का 30 फीसदी महंगाई भत्ते (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) की वृद्धि का अनुमान लगाते हुए बजट का प्रावधान हो सकता है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला बजट पेश करने से ठीक पहले 22 फरवरी को कैबिनेट की बैठक में होगा।

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प्रदेश में करीब 16 लाख कर्मचारी व 11.82 लाख पेंशनर हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के चलते गत वर्ष 24 अप्रैल को एक आदेश जारी कर जनवरी व जुलाई तथा जनवरी 2021 में डीए व डीआर में वृद्धि न करने का फैसला किया था।
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कहा था कि एक जुलाई, 2021 से देय डीए व डीआर की भावी किस्तों को जारी करने का निर्णय जब लिया जाएगा, तब एक जनवरी व एक जुलाई 2020 तथा एक जनवरी 2021 से प्रभावी डीए व डीआर की दरों को बहाल कर दिया जाएगा और एक जुलाई 2021 से प्रभावी संचयी संशोधित दर में शामिल कर दिया जाएगा। एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि का कोई बकाया नहीं दिया जाएगा।
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जानकार बताते हैं कि डीए व डीआर की बढ़ी दरों का भुगतान जुलाई-2021 से करने का फैसला पहले केंद्र सरकार को लेना है। प्रदेश सरकार उसी आधार पर निर्णय करेगी। आमतौर पर डीए व डीआर की जुलाई किस्त का भुगतान दशहरा या दिवाली के आसपास किया जाता रहा है।

ऐसे में सरकार के पास संबंधित भुगतान के लिए बजट की व्यवस्था करने के लिए 2021-22 के मुख्य बजट या बाद में चुनाव से पहले अनुपूरक बजट लाकर करने का विकल्प खुला था। सूत्रों के अनुसार विचार-विमर्श के बाद यूपी के बजट में ही जुलाई तक महंगाई की दरों का आकलन कर बजट प्रावधान करने पर सहमति बन गई है।

रोक के समय 17 फीसदी था डीए

अप्रैल-2020 में रोक के समय कर्मियों को 17 फीसदी डीए व डीआर का भुगतान हो रहा था। यदि भुगतान पर रोक नहीं लगती तो जुलाई 2021 तक (जनवरी 2020, जुलाई 2020, जनवरी 2021 व जुलाई 2021) डीए व डीआर में 4 बार वृद्धि हो चुकी होती।

- वित्त विभाग के जानकार बताते हैं कि जिस तरह से वृद्धि हो रही है, उस अनुमान से एक जनवरी-2020 से 4 प्रतिशत वृद्धि होने पर डीए की दरें 17+4=21 प्रतिशत होती।

- जुलाई-2020 से 3 प्रतिशत वृद्धि होने पर 21+3=24 प्रतिशत, जनवरी-2021 में 4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह दरें 24+4=28 प्रतिशत हो जाएंगीं।

- जुलाई में 3-4 फीसदी की वृद्धि भी हो तो डीएक मूल वेतन का 30 फीसदी से अधिक हो सकता है।

...तो 13 से 15 फीसदी बढ़ जाएगा वेतन

अनुमान के मुताबिक जुलाई-2021 से यदि डीए की संचयी वृद्धि को शामिल करते हुए 30-32 फीसदी की दर से भुगतान किया जाए तो प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में मौजूदा स्तर से 13 से 15 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी।

10 से 12 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च
डीए में वृद्धि को फ्रीज करते समय तत्कालीन अपर मुख्य सचिव ने इस निर्णय से करीब 8 हजार करोड़ रुपये बचत का अनुमान बताया था। जानकार बताते हैं कि जुलाई में डीए व डीआर की अतिरिक्त किस्त के भुगतान पर करीब 10 से 12 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च आ सकता है।

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