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UP News: बेटियों ने नुक्कड़ नाटक से सामाजिक बुराइयों पर किया प्रहार, बोलीं-दहेज प्रथा सबसे बड़ा कलंक
Mon, 29 Sep 2025 04:37 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Mon, 29 Sep 2025 04:37 PM IST
सार
महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने कहा कि बालिकाएं समाज में बदलाव की प्रेरणा हैं। जब बेटियां शिक्षा, नेतृत्व और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं।
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बच्चियों ने किया नाटक।
- फोटो : विभाग
विस्तार
मिशन शक्ति के तहत रविवार को प्रदेश भर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 68000 बालिकाओं ने नुक्कड़ नाटक से दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रेरक संदेश दिया।
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नुक्कड़ नाटकों से बालिकाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए समाज को सशक्त संदेश दिया। दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक बताते हुए बताया कि बेटी का सम्मान उसकी शिक्षा और योग्यता में है, न कि दहेज में।
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बेटियों ने बाल श्रम पर आधारित नाटकों ने यह रेखांकित किया कि शिक्षा से वंचित बचपन समाज और राष्ट्र दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस पहल के दौरान बालिकाओं ने टीम वर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने कहा कि बालिकाएं समाज में बदलाव की प्रेरणा हैं। जब बेटियां शिक्षा, नेतृत्व और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, तो केवल उनका भविष्य ही सुरक्षित रहता है, बल्कि पूरा समाज और देश भी प्रगति करता है।