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एसईई: परीक्षा केंद्र बनाने में छूट रहे पसीने, दो अगस्त को प्रस्तावित है प्रवेश परीक्षा
Tue, 30 Jun 2020 12:33 PM IST
ishwar ashish
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 30 Jun 2020 12:33 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश की इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी संस्थाओं में दाखिले के लिए 2 अगस्त को प्रस्तावित राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) का आयोजन आसान नहीं दिख रहा है। एकेटीयू की मुख्य परीक्षाओं की तरह इसमें भी परीक्षा केंद्रों का निर्धारण बड़ी समस्या है। हालांकि एकेटीयू प्रशासन का कहना है कि अगर जेईई मेन हुआ तो वह एसईई भी आयोजित करेगा।
एसईई में पिछले साल 1.48 लाख यूनिक स्टूडेंट्स (कुछ स्टूडेंट्स कई पेपर में शामिल होते हैं) थे। इनके लिए यूपी समेत 11 राज्यों में 134 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस साल यूनिक स्टूडेंट्स 1.52 लाख हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए 60 छात्रों की क्षमता वाले कमरे में मात्र 24 छात्र ही बैठेंगे। इस तरह 1000 स्टूडेंट्स की क्षमता वाले केंद्र पर सिर्फ 400 छात्र परीक्षा दे सकेंगे। इस लिहाज से विवि को दोगुने परीक्षा केंद्र बनाने होंगे।
प्रदेश के बाहर भी हाल खराब, कैसे बने केंद्र: यूपी ही में नहीं, एसईई के लिए दिल्ली, मुंबई, पटना, कोलकाता, चंडीगढ़, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे शहरों में भी परीक्षा केंद्र बनते हैं। पटना में पिछली बार 2000 से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी थी। इन शहरों में भी कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत खराब है। ऐसे में वहां केंद्र बनाने और फिर परीक्षा कराने का काम भी आसान नहीं होगा।
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एसईई में पिछले साल 1.48 लाख यूनिक स्टूडेंट्स (कुछ स्टूडेंट्स कई पेपर में शामिल होते हैं) थे। इनके लिए यूपी समेत 11 राज्यों में 134 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस साल यूनिक स्टूडेंट्स 1.52 लाख हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए 60 छात्रों की क्षमता वाले कमरे में मात्र 24 छात्र ही बैठेंगे। इस तरह 1000 स्टूडेंट्स की क्षमता वाले केंद्र पर सिर्फ 400 छात्र परीक्षा दे सकेंगे। इस लिहाज से विवि को दोगुने परीक्षा केंद्र बनाने होंगे।
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प्रदेश के बाहर भी हाल खराब, कैसे बने केंद्र: यूपी ही में नहीं, एसईई के लिए दिल्ली, मुंबई, पटना, कोलकाता, चंडीगढ़, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे शहरों में भी परीक्षा केंद्र बनते हैं। पटना में पिछली बार 2000 से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी थी। इन शहरों में भी कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत खराब है। ऐसे में वहां केंद्र बनाने और फिर परीक्षा कराने का काम भी आसान नहीं होगा।
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यातायात के साधन अगस्त मध्य तक बंद
किसी तरह अगर परीक्षा केंद्रों का निर्धारण हो भी जाता है तो सबसे बड़ा सवाल ये है कि छात्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे कैसे? अगर किसी विद्यार्थी का सेंटर दूर चला गया तो वह जाएगा कैसे। क्योंकि यातायात के अधिकतर साधन अगस्त मध्य तक बंद हैं। बस का सफर भी वे खुद के लिए सुरक्षित नहीं मान रहे। छात्रों और अभिभावकों के लिए ये भी बड़ी चुनौती है।
जेईई के अनुसार लेंगे निर्णय, चल रहीं तैयारियां : कंसल
एसईई के समन्वयक प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति तो अभी ठीक नहीं है, लेकिन हम जेईई के अनुसार निर्णय लेंगे। अगर जेईई होता है तो हम भी परीक्षा कराएंगे। परीक्षा केंद्र फाइनल करने का काम चल रहा है। बाहर के केंद्र निर्धारण में थोड़ी दिक्कत है, बाकी तैयारियां भी पूरी की जाएंगी।
जेईई के अनुसार लेंगे निर्णय, चल रहीं तैयारियां : कंसल
एसईई के समन्वयक प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति तो अभी ठीक नहीं है, लेकिन हम जेईई के अनुसार निर्णय लेंगे। अगर जेईई होता है तो हम भी परीक्षा कराएंगे। परीक्षा केंद्र फाइनल करने का काम चल रहा है। बाहर के केंद्र निर्धारण में थोड़ी दिक्कत है, बाकी तैयारियां भी पूरी की जाएंगी।