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Lucknow News: भारी वाहनों में जोखिम भरा सफर
Mon, 15 Apr 2024 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 15 Apr 2024 12:12 AM IST
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भिनगा बहराइच फोरलेन पर क्षमता से अधिक सवारी लेकर जाता पिकअप।
- फोटो : संवाद
श्रावस्ती। तराई वासी लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद भार वाहनों से सफर करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। नवरात्र का पर्व वाहन चालकों की मनमानी का बहाना बना हुआ है। जिसके चलते आम लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही हैं। विभागीय जिम्मेदारों ने मौन साध रखा है।
जिले में प्रतिबंध के बावजूद ट्रैक्टर ट्राली व पिकअप, मैक्स और डीसीएम आदि भार वाहनों पर बेखौफ होकर सवारियां बैठाई जा रही है। पूर्व में कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी, इसके बावजूद धड़ल्ले से भार वाहनों पर सवारियां बैठाने का धंधा चल रहा है। नवरात्र पर बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर सहित भिनगा के राजर्षि काली मंदिर, जमुनहा के जगपति धाम व इकौना के बेचू बाबा मंदिर सहित कई अन्य देवी मंदिरों पर लोग मुंडन आदि मांगलिक कार्यों के लिए जा रहे हैं। इन मार्गों पर नवरात्र की वजह से वाहनों की संख्या काफी कम हो गई है। इस वजह से लोग तहसील गेट के आस पास से आवागमन के लिए भारी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। विभागीय जिम्मेदार भी इन वाहनों चालकों पर नकेल कसने में अब तक नाकाम रहा है।
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जिले में प्रतिबंध के बावजूद ट्रैक्टर ट्राली व पिकअप, मैक्स और डीसीएम आदि भार वाहनों पर बेखौफ होकर सवारियां बैठाई जा रही है। पूर्व में कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी, इसके बावजूद धड़ल्ले से भार वाहनों पर सवारियां बैठाने का धंधा चल रहा है। नवरात्र पर बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर सहित भिनगा के राजर्षि काली मंदिर, जमुनहा के जगपति धाम व इकौना के बेचू बाबा मंदिर सहित कई अन्य देवी मंदिरों पर लोग मुंडन आदि मांगलिक कार्यों के लिए जा रहे हैं। इन मार्गों पर नवरात्र की वजह से वाहनों की संख्या काफी कम हो गई है। इस वजह से लोग तहसील गेट के आस पास से आवागमन के लिए भारी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। विभागीय जिम्मेदार भी इन वाहनों चालकों पर नकेल कसने में अब तक नाकाम रहा है।
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