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बेटे को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गया पिता, डंडे के सहारे जंग लड़ बचाई जान
Wed, 11 Sep 2019 08:27 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 11 Sep 2019 08:27 PM IST
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तेंदुए के हमले में घायल युवक
- फोटो : amar ujala
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बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र अंतर्गत सेंक्चुरी में गए साइकिल सवार एक युवक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। बेटे को तेंदुए से घिरा देख पिता उस पर टूट पड़ा। एक डंडे के सहारे तेंदुए को जंगल में भगाकर बेटे की जान बचायी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वन विभाग की टीम ने मौके का मुआयना किया है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत सुजौली थाना के कैलाशनगर निवासी कृपाराम (27) अपने पिता त्रियोगी के साथ बुधवार की सुबह साइकिल से जा रहा था। दोनों पिता-पुत्र कतर्नियाघाट रेंज के पूर्व सेंट्रल स्टेट फार्म में लगे जेट्रोफा के पौधे काटने जा रहे थे। तभी अचानक पीछे से साइकिल सवार कृपाराम पर तेंदुए ने हमला कर दिया।
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पिता त्रियोगी भी गिर पड़ा। तेंदुए ने युवक के सिर को जबड़े में भरने का प्रयास किया। तब तक त्रियोगी ने पास ही पड़े एक डंडे को उठा लिया और उसी के सहारे अपने बेटे को बचाने के प्रयास में जुट गया। बेटे ने भी तेंदुए को धक्का देना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ युवक को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। दोनों की चीख-पुकार पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए।
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ग्रामीण उन दोनों को स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। सूचना मिलने पर वन दरोगा मयंक पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में घायल कृपाराम को सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया गया। वन दरोगा ने बताया कि जांच के दौरान तेंदुए के हमले की पुष्टि हुई है। प्रार्थना पत्र मिलने पर पीड़ित परिवार को मुआवजा प्रदान किया जाएगा।