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गाजी सरकार के आस्ताने पर पूरी होती हैं सभी की मुरादे
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बलरामपुर। हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक सैय्यद सालार मसूद गाजी रहमत उल्ला अलैह की याद में रविवार को लंगर का आयोजन हुआ। इस दौरान उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया गया।
नगर के मोहल्ला पुरैनिया तालाब स्थित नगर पालिका कार्यालय के सामने गुलाम-ए-मुस्तफा नौजवान कमेटी की तरफ से लंगर का आयोजन किया गया। कमेटी के सदस्य इस्लाम खान ने बताया कि सैय्यद सालार मसूद गाजी रहमत उल्ला अलैह हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। गाजी सरकार को मुस्लिम समाज के अलावा अन्य धर्मों के लोग भी मानते है।
ऐसी मान्यता है कि गाजी सरकार के आस्ताने पर मांगी गई सभी मुरादें पूरी होती हैं। कार्यक्रम के बाद लंगर का आयोजन किया गया। देर शाम तक चले लंगर में इमरान खान, नदीम खान, फैसल खान, चांद बाबू, सोनू, हाशिम, गुलाम अशरफ व समीर सहित तमाम लोगों ने भाग लिया। इसी तरह नगर के अन्य तमाम स्थानों पर भी गाजी सरकार को याद करते हुए लंगर का आयोजन किया गया। संवाद
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नगर के मोहल्ला पुरैनिया तालाब स्थित नगर पालिका कार्यालय के सामने गुलाम-ए-मुस्तफा नौजवान कमेटी की तरफ से लंगर का आयोजन किया गया। कमेटी के सदस्य इस्लाम खान ने बताया कि सैय्यद सालार मसूद गाजी रहमत उल्ला अलैह हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। गाजी सरकार को मुस्लिम समाज के अलावा अन्य धर्मों के लोग भी मानते है।
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ऐसी मान्यता है कि गाजी सरकार के आस्ताने पर मांगी गई सभी मुरादें पूरी होती हैं। कार्यक्रम के बाद लंगर का आयोजन किया गया। देर शाम तक चले लंगर में इमरान खान, नदीम खान, फैसल खान, चांद बाबू, सोनू, हाशिम, गुलाम अशरफ व समीर सहित तमाम लोगों ने भाग लिया। इसी तरह नगर के अन्य तमाम स्थानों पर भी गाजी सरकार को याद करते हुए लंगर का आयोजन किया गया। संवाद
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