{"_id":"5b44718d4f1c1bb6248b568d","slug":"shiksha-mitra-committed-suicide-in-raebareli","type":"story","status":"publish","title_hn":"रायबरेली में शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर दे दी जान, ये थी वजह","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रायबरेली में शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर दे दी जान, ये थी वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 10 Jul 2018 04:22 PM IST
विज्ञापन
अनिल कुमार (फाइल फोटो)
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे डीहा मजरा बेखरा गांव में सोमवार को सहायक अध्यापक पद पर समायोजन न होने से दुखी एक शिक्षामित्र ने खुदकुशी कर ली। घर में छत की कुंडी से रस्सी के सहारे उसका शव लटका पाया गया। शिक्षामित्र के पिता ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि शिक्षक बनने का ख्वाब पूरा न होने के चलते उसका बेटा अवसाद में था।
इसी वजह से उसने जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे डीहा मजरा बेखरा गांव निवासी अनिल कुमार (27) पुत्र रामेश्वर अमावां ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल कुसिहा में शिक्षामित्र के पद पर तैनात था। सोमवार को परिवारीजन खेत में धान की रोपाई करा रहे थे।
सुबह अनिल सोकर उठा तो उसकी मां कौशल्या ने उससे खेत जाने को कहा। इस पर अनिल ने कुछ देर बाद खेत जाने की बात कही। इसके बाद अनिल खेत पर नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद परिवारीजन घर पहुंचे तो अनिल का शव कमरे में छत के कुंडे से फांसी पर लटका मिला।
विज्ञापन
यह देख परिवारीजन दंग रह गए। सूचना के बाद कोतवाल राकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पिता रामेश्वर ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसका बेटा शिक्षामित्र था। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन न होने की वजह से एक साल से अनिल अवसाद में था। शिक्षक न बन पाने से आहत होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सीओ महराजगंज गोपीनाथ सोनी ने बताया कि अवसाद के चलते शिक्षामित्र ने फांसी लगाई है। जांच हो रही है।
विज्ञापन
इसी वजह से उसने जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे डीहा मजरा बेखरा गांव निवासी अनिल कुमार (27) पुत्र रामेश्वर अमावां ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल कुसिहा में शिक्षामित्र के पद पर तैनात था। सोमवार को परिवारीजन खेत में धान की रोपाई करा रहे थे।
विज्ञापन
सुबह अनिल सोकर उठा तो उसकी मां कौशल्या ने उससे खेत जाने को कहा। इस पर अनिल ने कुछ देर बाद खेत जाने की बात कही। इसके बाद अनिल खेत पर नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद परिवारीजन घर पहुंचे तो अनिल का शव कमरे में छत के कुंडे से फांसी पर लटका मिला।
विज्ञापन
यह देख परिवारीजन दंग रह गए। सूचना के बाद कोतवाल राकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पिता रामेश्वर ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसका बेटा शिक्षामित्र था। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन न होने की वजह से एक साल से अनिल अवसाद में था। शिक्षक न बन पाने से आहत होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सीओ महराजगंज गोपीनाथ सोनी ने बताया कि अवसाद के चलते शिक्षामित्र ने फांसी लगाई है। जांच हो रही है।