जंगल में छोड़ी गाड़ी, तोड़ा मोबाइल, कहां गया लेखपाल?
बुधवार दोपहर ऑफिस से घर जाने की बात कहकर निकले एक लेखपाल का गुरुवार दोपहर तक कोई सुराग नहीं लग सका।
ऑफिस से घर के रास्ते के बीच पड़ने वाले एक जंगल में उसकी बाइक, मोबाइल और स्वेटर मिले। काफी तलाश के बाद भी पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी।
अचलीखेड़ा नगराम का रहने वाला लेखपाल अजय सिंह बुधवार दोपहर करीब 3 बजे ऑफिस से तबीयत खराब होने की बात कहकर निकला।
गुरुवार सुबह उसका बस्ता, मोटरसाइकिल और टूटा हुआ मोबाइल फोन खुझौली के मोहनलाल के जंगलों में बरामद हुए लेकिन लेखपाल का कोई सुराग नहीं लग सका।
पिता की जगह मिली थी जॉब
जानकारी के मुताबिक लेखपाल अजय सिंह की उम्र 26 साल है और उसकी शादी नहीं हुई है। 2006 में पिता ओमप्रकाश की मौत के बाद उसकी नौकरी लगी थी। घर पर भाई अभय सिंह, बहन अर्चना और मां हैं।
अजह बुधवार दोपहर 11 बजे ड्यूटी पर निकला था। दोपहर 3 बजे तबीयत खराब होने की बात कहकर अजय ऑफिस से घर के लिए निकल गया। घर न पहुंचने पर भाई ने फोन किया तो फोन स्विच ऑफ था।
गुरुवार सुबह पप्पू रावत को खुझौली जंगल में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के पास बिना नंबर की बाइक मिली। बाइक से मिले कागजों से पता, फोन नंबर देखकर पप्पू रावत ने अजय के घर सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड लेकर तलाश की तो कुछ दूरी पर उसका स्वेटर और टूटा हुआ मोबाइल मिला। तहसीलदार ने बताया कि लेखपाल कुछ परेशान था।