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ऐशबाग के कब्रिस्तान में दफन हुआ बांग्लादेशी डकैत गिरोह का सरगना हमजा
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लखनऊ। गोमतीनगर के सहारा स्टेट के पास 17 अक्तूबर देर रात पुलिस से मुठभेड़ में मारे गए बांग्लादेशी डकैतों के सरगना हमजा का शव मुस्लिम रीति रिवाज से ऐशबाग कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया। उसके अंतिम संस्कार में वहीं वर्दीधारी शामिल हुए, जो एक साल से उसकी तलाश कर रहे थे और जिन पर उसने गोलियां चलाई थीं।
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, कमिश्नरेट पुलिस ने उसके परिवारीजनों को सूचना देने के लिए बांग्लादेश के दूतावास को पत्र भेजा था लेकिन कोई जवाब नहीं आने पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, एक साल पहले विभूतिखंड इलाके में गन्ना विभाग में तैनात इंजीनियर योगेंद्र श्रीवास्तव के घर हुई लूटपाट में मोबाइल बांग्लादेशी डकैतों के हाथ लगा था। इस मोबाइल के कारण ही पुलिस डकैत गिरोह के करीब पहुंच सकी।
पुलिस के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले मोबाइल की लोकेशन बंग्लादेश में सीमावर्ती इलाके में मिलने लगी थी। इसके बाद से ही यह मोबाइल लगातार प्रयोग किया जा रहा था। जैसे ही गिरोह लखनऊ में प्रवेश किया, पुलिस अलर्ट हो गई। इसके बाद एक सप्ताह में लगातार दो मुठभेड़ हुईं। इसमें गिरोह का सरगना हमजा पुलिस की गोली से ढेर हो गया तो उसके तीन साथी गिरफ्तार किए गए।
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प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, कमिश्नरेट पुलिस ने उसके परिवारीजनों को सूचना देने के लिए बांग्लादेश के दूतावास को पत्र भेजा था लेकिन कोई जवाब नहीं आने पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, एक साल पहले विभूतिखंड इलाके में गन्ना विभाग में तैनात इंजीनियर योगेंद्र श्रीवास्तव के घर हुई लूटपाट में मोबाइल बांग्लादेशी डकैतों के हाथ लगा था। इस मोबाइल के कारण ही पुलिस डकैत गिरोह के करीब पहुंच सकी।
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पुलिस के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले मोबाइल की लोकेशन बंग्लादेश में सीमावर्ती इलाके में मिलने लगी थी। इसके बाद से ही यह मोबाइल लगातार प्रयोग किया जा रहा था। जैसे ही गिरोह लखनऊ में प्रवेश किया, पुलिस अलर्ट हो गई। इसके बाद एक सप्ताह में लगातार दो मुठभेड़ हुईं। इसमें गिरोह का सरगना हमजा पुलिस की गोली से ढेर हो गया तो उसके तीन साथी गिरफ्तार किए गए।
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