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सहारा समूह व सुब्रत राय पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में नेटफ्लिक्स अधिकारी तलब
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लखनऊ। बिना इजाजत डॉक्युमेंट्री बनाकर सहारा ग्रुप के मुखिया सुब्रत राय सहारा को वित्तीय घोटाला करने वाला बताने और उन्हें विजय माल्या, नीरव मोदी की श्रेणी में दिखाने के मामले में विशेष सीजेएम सुनील कुमार ने वेब चैनल नेट फ्लिक्स के अभिषेक नाग एलएलपी, निक रिड और रेवा शर्मा को बतौर आरोपी तलब किया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 नवम्बर की तारीख तय की है।
न्यायालय की पत्रावली के अनुसार, कोर्ट में सहारा इंडिया की ओर से मानहानि का परिवाद दायर करके असिस्टेंट मैनेजर दिनेश कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया था कि गत 28 मार्च 2019 को सुब्रत राय के घर पर नेटफ्लिक्स के निक रिड और रेवा शर्मा आए थे। उन्होंने सुब्रत राय से कहा कि नेटफ्लिक्स भारत की वित्त व्यवस्था में गति देने वालों के जीवन पर डॉक्युमेंट्री बना रहा है और वो लोग सुब्रत राय के अप्रत्याशित उत्थान व उद्गम समेत उनके द्वारा लोकहित में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कार्यों के आधार पर डॉक्युमेंट्री तैयार करेंगे। इस पर सुब्रत राय ने आरोपियों से कथानक मांगा था। कहा गया कि इसके बाद कई बार सुब्रत राय ने डॉक्युमेंट्री का शीर्षक, कथानक जानने का प्रयास किया लेकिन आरोपियों ने कुछ नहीं दिखाया। इसी बीच पता चला कि 20 अगस्त 2020 को नेटफ्लिक्स ने उसी डॉक्युमेंट्री का ट्रेलर जारी किया। गत 25 अगस्त को यूट्यूब पर भी ट्रेलर को जारी कर दिया जिसमें सुब्रत राय के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गई थीं और उन्हें नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे लोगों की श्रेणी में दिखाते हुए वित्तीय घोटाला करने वालों के साथ जोड़ा गया था। आरोप है कि डॉक्युमेंट्री में सुब्रत राय को लालच, कपट और भ्रष्टाचार के जरिए व्यापार खड़ा करने वाला दिखाया गया था जिससे कंपनी और सुब्रत राय की ख्याति पर असर पड़ा और सहारा इंडिया के कर्मचारी और अधिकारी आहत हुए। साथ ही समाज में सहारा ग्रुप के प्रति हीन भावना उत्पन्न हुई। परिवादी ने कोर्ट में अपना और गवाहों का बयान दर्ज कराया जिसके बाद कोर्ट ने नेटफ्लिक्स के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध पाते हुए आरोपियों को तलब किया है। ।
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न्यायालय की पत्रावली के अनुसार, कोर्ट में सहारा इंडिया की ओर से मानहानि का परिवाद दायर करके असिस्टेंट मैनेजर दिनेश कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया था कि गत 28 मार्च 2019 को सुब्रत राय के घर पर नेटफ्लिक्स के निक रिड और रेवा शर्मा आए थे। उन्होंने सुब्रत राय से कहा कि नेटफ्लिक्स भारत की वित्त व्यवस्था में गति देने वालों के जीवन पर डॉक्युमेंट्री बना रहा है और वो लोग सुब्रत राय के अप्रत्याशित उत्थान व उद्गम समेत उनके द्वारा लोकहित में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कार्यों के आधार पर डॉक्युमेंट्री तैयार करेंगे। इस पर सुब्रत राय ने आरोपियों से कथानक मांगा था। कहा गया कि इसके बाद कई बार सुब्रत राय ने डॉक्युमेंट्री का शीर्षक, कथानक जानने का प्रयास किया लेकिन आरोपियों ने कुछ नहीं दिखाया। इसी बीच पता चला कि 20 अगस्त 2020 को नेटफ्लिक्स ने उसी डॉक्युमेंट्री का ट्रेलर जारी किया। गत 25 अगस्त को यूट्यूब पर भी ट्रेलर को जारी कर दिया जिसमें सुब्रत राय के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गई थीं और उन्हें नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे लोगों की श्रेणी में दिखाते हुए वित्तीय घोटाला करने वालों के साथ जोड़ा गया था। आरोप है कि डॉक्युमेंट्री में सुब्रत राय को लालच, कपट और भ्रष्टाचार के जरिए व्यापार खड़ा करने वाला दिखाया गया था जिससे कंपनी और सुब्रत राय की ख्याति पर असर पड़ा और सहारा इंडिया के कर्मचारी और अधिकारी आहत हुए। साथ ही समाज में सहारा ग्रुप के प्रति हीन भावना उत्पन्न हुई। परिवादी ने कोर्ट में अपना और गवाहों का बयान दर्ज कराया जिसके बाद कोर्ट ने नेटफ्लिक्स के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध पाते हुए आरोपियों को तलब किया है। ।
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