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अदालत फैसला तो सुना सकता है लेकिन दिलों को नहीं जोड़ सकताः श्री श्री रविशंकर

Fri, 17 Nov 2017 01:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 17 Nov 2017 01:22 PM IST
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court cannot connect hearts, only we can : ravishankar
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली से मुलाकात करते श्री श्री रविशंकर। - फोटो : amar ujala
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशकंर ने लखनऊ में शुक्रवार की सुबह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली से मुलाकात की। इस दौरान बातचीत के बाद दोनों ने मीडिया को संबोधित किया।  
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श्री श्री ने कहा कि अदालत का फैसला तो सर्वोपरि है, लेकिन अदालत दिलों को नहीं जोड़ सकता। दिलों को जोड़ने के लिए हमें ही प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि दिलों के जुड़ने से जो फैसला होगा वह सदियों तक याद रखा जाएगा। हम सब ‌मिलकर भारतवासियों को प्रेम और एकता का संदेश देंगे।
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वहीं, मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि पर्सनल लॉ बोर्ड पहले ही कह चुका है कि कोर्ट का जो फैसला होगा वह माना जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुसलमान की एकता ही हिंदुस्तान की परंपरा है, इसलिए आपसी बातचीत से ही मतभेद दूर हो सकते हैं। देश में अमन-चैन कायम रहे, ये प्रयास हम सब मिलकर कर रहे हैं।
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