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कोरोना की पाबंदियों ने लगाया हज आवेदन पर ब्रेक , 10 फीसद भी नही हुए आवेदन
Wed, 02 Dec 2020 10:32 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 02 Dec 2020 10:32 PM IST
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कोरोना काल की पाबंदियों ने अब हज आवेदन पर भी ब्रेक लगा दी है। बीते एक महीने में हज के लिए प्रदेश की हज कोटे की सीटों का 10 फीसद भी आवेदन नही हो पाए है, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर तय है। आवेदन की सुस्त रफ्तार की बड़ी वजह कोरोना गाइडलाइन, हज आवेदन में 18 से 65 वर्ष आयु की पाबंदी और हज खर्च महंगा होने की आशंका मानी जा रही है।
सऊदी हुकूमत की ओर से हज और उमराह से पाबंदी हटने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज एक्शन प्लान 2021 जारी कर 7 नवम्बर से 10 दिसंबर तक हज के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। कोविड 19 के चलते हज कमेटी ने हज यात्रा 2021 में कई बदलाव भी किये। 18 से कम और 65 से अधिक यानी बुजुर्ग आजमीनों को हज यात्रा पर सऊदी अरब जाने पर पाबंदी लगा दी। हालांकि बगैर महरम के हज पर जाने वाली महिलाओं के लिए 500 सीटें आरक्षित भी की। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इस बार हज खर्च 3 लाख 75 हजार से 5 लाख रुपये आने की उम्मीद जताई थी, जबकि साल 2019 में ग्रीन श्रेणी में हज यात्रियों से 290850 और अजीजिया में 253800 रुपये लिए गए थे।
कोरोना काल की पाबंदियों और हज के काफी अधिक मंहगा होने की आशंका की वजह से हज के लिये आवेदन की रफ्तार काफी सुस्त बनी हुई है। बीती 7 नवम्बर से अब तक सिर्फ 3 हजार लोगों ने ही आवेदन किया है, प्रदेश की हज कोटे की सीटें करीब 30 हजार है। दूसरे राज्यों की बची सीटें मिलने के बाद ये संख्या 32 से 34 हजार तक पहुच जाती है। हज आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर है। जानकारों की माने तो अंतिम तिथि अगर एक महीना भी बढ़ा दी जाती है तब भी आवेदन की संख्या 10 हजार तक पहुच पाना भी मुश्किल है। ऐसे में हज के चयन के लिए लाटरी प्रक्रिया भी नही होगी। राज्य हज कमेटी के सचिव राहुल गुप्ता ने बताया कि अभी तक 3 हजार लोगों के आवेदन मिले हैं। रफ्तार अभी कम है, बढ़ने की उम्मीद है।
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सऊदी हुकूमत की ओर से हज और उमराह से पाबंदी हटने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज एक्शन प्लान 2021 जारी कर 7 नवम्बर से 10 दिसंबर तक हज के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। कोविड 19 के चलते हज कमेटी ने हज यात्रा 2021 में कई बदलाव भी किये। 18 से कम और 65 से अधिक यानी बुजुर्ग आजमीनों को हज यात्रा पर सऊदी अरब जाने पर पाबंदी लगा दी। हालांकि बगैर महरम के हज पर जाने वाली महिलाओं के लिए 500 सीटें आरक्षित भी की। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इस बार हज खर्च 3 लाख 75 हजार से 5 लाख रुपये आने की उम्मीद जताई थी, जबकि साल 2019 में ग्रीन श्रेणी में हज यात्रियों से 290850 और अजीजिया में 253800 रुपये लिए गए थे।
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कोरोना काल की पाबंदियों और हज के काफी अधिक मंहगा होने की आशंका की वजह से हज के लिये आवेदन की रफ्तार काफी सुस्त बनी हुई है। बीती 7 नवम्बर से अब तक सिर्फ 3 हजार लोगों ने ही आवेदन किया है, प्रदेश की हज कोटे की सीटें करीब 30 हजार है। दूसरे राज्यों की बची सीटें मिलने के बाद ये संख्या 32 से 34 हजार तक पहुच जाती है। हज आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर है। जानकारों की माने तो अंतिम तिथि अगर एक महीना भी बढ़ा दी जाती है तब भी आवेदन की संख्या 10 हजार तक पहुच पाना भी मुश्किल है। ऐसे में हज के चयन के लिए लाटरी प्रक्रिया भी नही होगी। राज्य हज कमेटी के सचिव राहुल गुप्ता ने बताया कि अभी तक 3 हजार लोगों के आवेदन मिले हैं। रफ्तार अभी कम है, बढ़ने की उम्मीद है।
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