लॉकडाउन से अनलॉक के बीच ढाई हजार कोरोना संक्रमित गायब, लगातार बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
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लखनऊ के निजी व सरकारी लैब में कोरोना की जांच कराने वाले रोगी गलत मोबाइल नंबर और पता डलवाकर गायब हो रहे हैं। हर रोज चार से पांच केस ऐसे सामने आ रहे हैं। हफ्ते भर में ऐसे करीब 50 मामले सामने आए हैं। लॉकडाउन से अनलॉक की प्रक्रिया में करीब ढाई हजार से अधिक पॉजिटिव रोगी जांच कराने के बाद गायब हो चुके हैं।
ये ऐसे मरीज हैं, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है, लेकिन जब ट्रेसिंग टीम उनके फॉर्म में भरे गए नंबर पर फोन लगाती है तो वे नंबर गलत निकलते हैं। ऐसे में फार्म में भरे गए पते को संबंधित इलाके के थाने में भेजा जाता है, जिसके बाद पुलिस उनके बताए गए पते पर जाकर वापस लौट आ रही है।
उनका पता भी फर्जी निकल रहा है। ये छिपे हुए रोगी समुदाय में मिलकर संक्रमण की नई चेन बना रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्रा के मुताबिक, गायब हुए रोगी की सूचना पुलिस को देने के साथ उनकी तलाश कराई जा रही है।
सभी लैब से गायब हुए रोगी के बारे में पता लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने करीब 50 रोगी का आंकड़ा तैयार करके सभी लैब को भेजकर उन्हें तलाशने के निर्देश दिए हैं।
जांच के वक्त देना था आईडी
करीब ढाई हजार से अधिक पॉजिटिव रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर गायब हो जाने के बाद अफसरों ने बिना आईडी लिए जांच न कराए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कई निजी व सरकारी लैब बिना आईडी लिए मरीजों की जांच कर रही थीं। इसी का नतीजा है कि अब भी मरीज गलत नाम पता लिखाकर गायब हो रहे हैं।