फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   copies of toppers of PCS-2015 will be re-examined

पीसीएस परीक्षा धांधली: टॉपर्स के अलावा इन स्टूडेंट्स की कॉपियों की भी होगी दोबारा जांच

Wed, 25 Apr 2018 11:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Wed, 25 Apr 2018 11:49 AM IST
विज्ञापन
copies of toppers of PCS-2015 will be re-examined
डेमो - फोटो : डेमो

पीसीएस-2015 के टॉपरों की कॉपियां दोबारा जांची जाएंगी। मॉडरेशन की आड़ में नंबर घटाए-बढ़ाए जाने के ठोस सुबूत मिलने के बाद सीबीआई अब लाल पेन से तैयार किया गया पीसीएस-2015 का चक्रव्यूह तोड़ने के करीब है।

विज्ञापन


मॉडरेशन की आड़ में कॉपियों पर चले लाल पेन ने सैकड़ों मेधावियों को मेरिट से बाहर कर दिया तो नंबर बढ़ने पर मेरिट से बाहर हो रहे कई अभ्यर्थियों को फायदा मिला और उनका चयन हो गया। इनमें से कुछ तो टॉप ट्वेंटी में भी शामिल हुए।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई ने जब मॉडरेशन प्रक्रिया को खंगालना शुरू किया था तो किसी को भी अंदाज नहीं था कि इसकी आड़ में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मॉडरेशन की आड़ में नंबर घटाए और बढ़ाए गए, लेकिन इसके लिए कोई मानक नहीं अपनाया गया। सूत्रों के मुताबिक नंबर घटाने और बढ़ाने में लाल पेन का उपयोग किया गया। कॉपियों में मॉडरेटर के हस्ताक्षर भी हैं, लेकिन हस्ताक्षर इतने आड़े-तिरछे हैं कि किसी के लिए भी हस्ताक्षर के आधार पर नाम का पता लगा पाना मुमकिन नहीं है। आयोग पहले ही सीबीआई को मॉडरेटर का नाम बताने से इनकार कर चुका है। 

पूनर्मूल्यांकन में होगा हैंडराइटिंग का मिलान

copies of toppers of PCS-2015 will be re-examined
डेमो - फोटो : डेमो
टॉप ट्वेंटी में शामिल कई अभ्यर्थियों के नंबर मॉडरेशन की आड़ में बढ़ाए जिससे उनकी एसडीएम जैसे उच्च पदों पर तैनाती हुई। वहीं, जो अभ्यर्थी टॉप ट्वेंटी में आ सकते थे, उनके नंबर घटा दिए गए। उन्हें नीचे के पदों पर तैनाती मिली या मेरिट से बाहर हो गए।

सीबीआई अब ऐसे सभी चयनित अफसरों की कॉपियों की दोबारा जांच कराएगी और इसके लिए अलग से विशेषज्ञ लगाए जाएंगे। हालांकि मॉडरेशन में गड़बड़ी केसुबूत  सीबीआई को पहले ही मिल चुके हैं, लेकिन सीबीआई सुबूतों को और पक्का करना चाहती है।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को यह सुराग भी मिला है कि पीसीएस-2015 के कुछ चयनित अफसरों की कॉपियां दूसरों ने लिखीं थीं। सीबीआई ने ऐसे अफसरों को चिह्नित कर लिया है और पूनर्मूल्यांकन के दौरान इन संदिग्ध चयनितों की कॉपियों में हैंडराइटिंग का मिलाना भी कराया जाएगा।

इसके लिए सीबीआई हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की मदद लेगी। इसके अलावा कॉपियों में मॉडरेशन करने वाले के हस्ताक्षर का मिलान आयोग के संदिग्ध कर्मियों एवं अफसरों के हस्ताक्षर से कराया जाएगा।
सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में मंगलवार को भी कई चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई।

इसके साथ ही आयोग के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ये दोनों अफसर वर्षों तक आयोग के गोपनीय विभाग में तैनात थे। आयोग के कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed