{"_id":"6015c1918ebc3e2c4d2e5658","slug":"consultancy-clinic-in-lu-lko-city-news-lko562398436","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंसल्टेंसी क्लिनिक से व्यवसाय, उद्यम और संगठनों को परामर्श देगा लविवि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंसल्टेंसी क्लिनिक से व्यवसाय, उद्यम और संगठनों को परामर्श देगा लविवि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ विश्वविद्यालय अब निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, सरकारी विभागों और एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों, सहकारी समितियों और वित्तीय संस्थानों को कंसल्टेंसी सेवा भी देगा।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने शनिवार को कमेटी रूम में लखनऊ यूनिवर्सिटी कंसल्टेंसी क्लिनिक के तहत इसकी शुरुआत शिक्षाविदों एवं उद्योगों से आए अतिथियों के बीच की। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे संगठन और व्यक्ति लविवि की विशेषज्ञता का लाभ कुछ फीस देकर उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वास, विश्वसनीयता और परिणाम परामर्श की नींव है।
वीसी ने कहा कि यह योजना व्यापार, सामाजिक संगठनों और विश्वविद्यालय के बीच एक आवश्यक कड़ी साबित होगी। लविवि में इस समय विभिन्न विषय और क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं। विभिन्न विभागों में विपणन, वित्त, प्रबंधकीय खातों, मानव संसाधन प्रबंधन, कानून, रणनीति, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता वाले शिक्षकों का एक बड़ा पूल है। इनका उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए हो रहा है, लेकिन समाज को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। इसलिए यह सुविधा शुरू की गई है।
विज्ञापन
लखनऊ यूनिवर्सिटी कंसल्टेंसी क्लिनिक ऑडिटेड और मापी गई सहायता और निरंतर हैंडहोल्डिंग के लिए सिफारिश के साथ विश्लेषणात्मक समीक्षा प्रदान करता है। निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, सरकारी विभागों और एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों, सहकारी समितियों और वित्तीय संस्थानों जैसे संगठनों की एक विस्तृत शृंखला के लिए यहां से परामर्श सेवा दी जाएगी। परामर्श की निदेशक डॉ. रितु नारंग ने पावर पॉइंट प्रस्तुति की माध्यम से इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी। इस मौके पर विभिन्न औद्योगिक, व्यापार और प्रबंधन संगठनों जैसे कि एसोचैम, लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के कई अतिथि समारोह में आए थे।
पहले दिन हुए चार पंजीकरण
प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को चार ग्राहक संगठनों ने पंजीकरण शुल्क के रूप में 500 रुपये का डीडी से भुगतान करके पंजीकरण किया। उद्घाटन के समय ग्राहक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इनमें केजीएमयू से प्रो. दिव्या मेहरोत्रा, मेफेयर ट्रैवल्स से शरद थरानी, एनपीएफसी के प्रधान समाधान सेवा प्रदाता सौरभ सिंह और अंग मिश्रा एंड एसोसिएट्स, एडवोकेट्स और सॉलिसिटर एडवोकेट से अनाग मिश्रा शामिल थे।
60 से 70 फीसदी राशि पर होगा शिक्षकों का अधिकार
इस पॉलिसी के तहत विश्वविद्यालय के शिक्षक कंसल्टेंसी या सेवाएं विश्वविद्यालय के अलावा भी कहीं और दे पाएंगे बशर्ते उनकी आय का एक हिस्सा विश्वविद्यालय को दिया जाए। इस पॉलिसी के तहत विज्ञान विषयों में विश्वविद्यालय के अध्यापक 60 प्रतिशत और अन्य विषयों में 70 प्रतिशत तक आय अपने पास रखेंगे और बकाया राशि विश्वविद्यालय के पास जाएगी।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने शनिवार को कमेटी रूम में लखनऊ यूनिवर्सिटी कंसल्टेंसी क्लिनिक के तहत इसकी शुरुआत शिक्षाविदों एवं उद्योगों से आए अतिथियों के बीच की। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे संगठन और व्यक्ति लविवि की विशेषज्ञता का लाभ कुछ फीस देकर उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वास, विश्वसनीयता और परिणाम परामर्श की नींव है।
विज्ञापन
वीसी ने कहा कि यह योजना व्यापार, सामाजिक संगठनों और विश्वविद्यालय के बीच एक आवश्यक कड़ी साबित होगी। लविवि में इस समय विभिन्न विषय और क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं। विभिन्न विभागों में विपणन, वित्त, प्रबंधकीय खातों, मानव संसाधन प्रबंधन, कानून, रणनीति, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता वाले शिक्षकों का एक बड़ा पूल है। इनका उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए हो रहा है, लेकिन समाज को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। इसलिए यह सुविधा शुरू की गई है।
विज्ञापन
लखनऊ यूनिवर्सिटी कंसल्टेंसी क्लिनिक ऑडिटेड और मापी गई सहायता और निरंतर हैंडहोल्डिंग के लिए सिफारिश के साथ विश्लेषणात्मक समीक्षा प्रदान करता है। निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, सरकारी विभागों और एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों, सहकारी समितियों और वित्तीय संस्थानों जैसे संगठनों की एक विस्तृत शृंखला के लिए यहां से परामर्श सेवा दी जाएगी। परामर्श की निदेशक डॉ. रितु नारंग ने पावर पॉइंट प्रस्तुति की माध्यम से इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी। इस मौके पर विभिन्न औद्योगिक, व्यापार और प्रबंधन संगठनों जैसे कि एसोचैम, लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के कई अतिथि समारोह में आए थे।
पहले दिन हुए चार पंजीकरण
प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को चार ग्राहक संगठनों ने पंजीकरण शुल्क के रूप में 500 रुपये का डीडी से भुगतान करके पंजीकरण किया। उद्घाटन के समय ग्राहक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इनमें केजीएमयू से प्रो. दिव्या मेहरोत्रा, मेफेयर ट्रैवल्स से शरद थरानी, एनपीएफसी के प्रधान समाधान सेवा प्रदाता सौरभ सिंह और अंग मिश्रा एंड एसोसिएट्स, एडवोकेट्स और सॉलिसिटर एडवोकेट से अनाग मिश्रा शामिल थे।
60 से 70 फीसदी राशि पर होगा शिक्षकों का अधिकार
इस पॉलिसी के तहत विश्वविद्यालय के शिक्षक कंसल्टेंसी या सेवाएं विश्वविद्यालय के अलावा भी कहीं और दे पाएंगे बशर्ते उनकी आय का एक हिस्सा विश्वविद्यालय को दिया जाए। इस पॉलिसी के तहत विज्ञान विषयों में विश्वविद्यालय के अध्यापक 60 प्रतिशत और अन्य विषयों में 70 प्रतिशत तक आय अपने पास रखेंगे और बकाया राशि विश्वविद्यालय के पास जाएगी।