यूपी कांग्रेस को अब हाईकमान के फैसले का इंतजार
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यूपी के कांग्रेसियों को अब हाईकमान के फैसले का इंतजार है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर की अध्यक्षता में गठित स्टेट इलेक्शन कमेटी ने सूबे की सभी 403 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के पैनल फाइनल कर दिए हैं।
इसे सेंट्रल स्क्रीनिंग कमेटी को भेज दिया गया है। प्रत्याशियों के नाम पर मुहर भी हाईकमान को ही लगानी है। इसके बाद ही प्रत्याशियों की घोषणा होगी।
कांग्रेस विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन करेगी या नहीं, इस पर भी फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ही लेना है। हालांकि सूबे के नेता गठबंधन को लेकर शुरू से ही इन्कार करते रहे हैं। इसकी मुख्य वजह दबाव की राजनीति है। यह दबाव सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है। कांग्रेस चाहती है कि उसे गठबंधन में सम्मानजनक सीटें मिल जाएं।
अब तो गठबंधन की ही आस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर भले ही कहें कि पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, लेकिन पार्टी के मौजूदा विधायक चाहते हैं कि सपा से गठबंधन हो जाए।
उन्हें लग रहा है कि गठबंधन से ही कांग्रेस की स्थिति में सुधार आ सकता है। नहीं तो फिर पांच साल के लिए सत्ता से दूर रहना होगा। सूत्रों की मानें तो गठबंधन लगभग तय हो गया है।
सपा में विवाद की वजह से देरी
कांग्रेस मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा से गठबंधन को तैयार है, लेकिन सपा में अखिलेश व मुलायम सिंह के बीच चल रहे विवाद के कारण गठबंधन में विलंब हो रहा है। कांग्रेस चाहती है कि सपा का विवाद सुलझने के बाद ही गठबंधन की बात आगे बढ़े।