सोनिया ने दी हरी झंडी, जल्द मोर्चा संभालेगी 'कांग्रेसी सेना'
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कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी सोमवार को घोषित हो सकती है। काफी दिनों से प्रदेश के नेता इसका इंतजार कर रहे हैं। कार्यकारिणी की घोषणा के बाद संगठन की मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है।
दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री तकरीबन पौने तीन साल से अपनी सेना नहीं बना पाए हैं। पिछले साल यानी जनवरी 2014 के अंत में कार्यकारिणी बनी भी तो वह मात्र 131 दिन का कार्यकाल पूरा कर सकी।
लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश कार्यकारिणी के साथ ही जिला व शहर इकाइयां भंग कर दी थीं।
अब ज्यादातर शहर व जिला इकाइयां गठित हो चुकी हैं लेकिन अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी नहीं बन पाई है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. खत्री ने यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के साथ चर्चा कर कार्यकारिणी का स्वरूप तय कर इसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास मंजूरी के लिए भेज दिया था।
सूत्रों के अनुसार अब इसे आलाकमान की मंजूरी मिल गई है। सोमवार को घोषणा होने की उम्मीद है।
सपा को दिया वॉक ओवर
कांग्रेस विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी को वॉक ओवर देने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस अब परिषद में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।
कांग्रेस के इस कदम के बाद यदि भाजपा एक ही प्रत्याशी उतारती है तो विधान परिषद के लिए चुनाव नहीं होगा। ऐसे में सपा का आठवां प्रत्याशी व बसपा का तीसरा प्रत्याशी बगैर किसी मशक्कत के जीत जाएगा। सोमवार तक कांग्रेस इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
इस चुनाव में सपा की ओर से आठवां प्रत्याशी उतारने के साथ ही यह कयास लगाए जाने लगे थे कि अब कांग्रेस अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। लेकिन आठ जनवरी को प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के प्रत्याशी उतारने के बयान के बाद फिर इस चर्चा को विराम लग गया था।
दरअसल, कांग्रेस के पास 28 विधायक हैं। लेकिन उसे एक सीट जिताने के लिए पांच विधायकों का समर्थन और चाहिए। इसके साथ ही सपा व बसपा को भी अपने-अपने प्रत्याशी जिताने के लिए अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करना है।