जल्दी ही कम्प्यूटराइज्ड होगी जलकर जमा करने की व्यवस्था
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अब जलकर जमा करने जाने वाले उपभोक्ताओं को बेवजह की परेशानियों से निजात मिलेगी और कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली गड़बड़ियों पर भी लगाम लगेगी।
दरअसल नगर निगम की तर्ज पर जलकल विभाग में टैक्स जमा करने की कम्प्यूटराइज्ड व्यवस्था शुरू की जानी है।
मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने आठ माह पहले ही सभी जोनल कार्यालयों में कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम लागू करने का निर्देश
दिया था। फिलहाल इसे लागू होने में कम से कम तीन से चार माह का समय लग जाएगा।
जलकर अभी तक मैनुअल ही जमा होता है। दिक्कत तब आती है जब जलकर बकाया न होने के बाद भी बिल में पिछला बकाया चढ़कर आ जाता है और टैक्स जमा रसीद खो जाती है।
लगातार मिल रही ऐसी शिकायतों को देखते हुए ही महापौर डॉ. दिनेश शर्मा ने जलकल विभाग को टैक्स जमा करने की व्यवस्था नगर निगम की तरह कम्प्यूटराइज्ड करने को कहा था।
ताकि लोगों को बेवजह की परेशानी का सामना न करना पड़े और टैक्स जमा करने वाले कर्मचारी भी गड़बड़ी न कर सकें।
जानकारों का कहना है किबहुत बार ऐसा होता है कि कर्मचारी जलकर जमा करने के बाद रसीद तो उपभोक्ता को दे देते हैं मगर उसकी पोस्टिंग रजिस्टर पर नहीं करते हैं। जब अगले साल बिल बनता है तो उसमें बकाया जोड़ दिया जाता है।
यदि रसीद नहीं है तो फिर उसको बकाया जमा करना पड़ जाता है बिना रसीद के यह तय ही नहीं हो पाता कि पैसा जमा हुआ था कि नहीं और इसका फायदा गड़बड़ी करने वाले कर्मचारी उठाते हैं।
नगर निगम में भी कम्प्यूटर से टैक्स जमा करने की व्यवस्था शुरू होने से पहले गृहकरदाताओं को ऐसी ही परेशानी से जूझना पड़ता था लेकिन जब से कम्प्यूटराइज्ड व्यवस्था शुरू हुई है, यह गड़बड़ी पूरी तरह समाप्त हो गई है।